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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   president ram nath kovind mentioned name of Vithalbhai Patel who defeated British candidate in 1925 Central Legislative Assembly election

हिमाचल विधानसभा: राष्ट्रपति बोले- इसी सदन में विट्ठल भाई पटेल ने 1925 में ब्रिटिश प्रत्याशी को हराया

Fri, 17 Sep 2021 11:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 17 Sep 2021 11:44 PM IST
सार

राष्ट्रपति ने कहा कि इसी सदन में विट्ठल भाई पटेल ने 1925 में ब्रिटिश प्रत्याशी को हराकर सेंट्रल लेजिस्लटिव एसेंबली के अध्यक्ष का चुनाव जीता था।

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president ram nath kovind mentioned name of Vithalbhai Patel who defeated British candidate in 1925 Central Legislative Assembly election
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर और विस अध्यक्ष विपिन परमार देवरथ का प्रतीक चिह्न भेंट करते हुए। इस दौरान मौजूद सीएम जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री। राष्ट्रपति को शॉल और टोपी भी पहनाई गई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वह प्रदेश के 70 लाख नागरिकों को पूरे देश की ओर से बधाई देते हैं। इसी वर्ष स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ है। इस साल देश में आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। हिमाचल प्रदेश के लोग पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती भी बना रहे हैं। यह वर्ष हिमाचल प्रदेश और पूरे देश के लोगों के लिए हर्षोल्लास का है। 

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राष्ट्रपति ने कहा कि विधानसभा का यह कौंसिल चैंबर आधुनिक भारत की कई महत्वपूर्ण घटनाओं के साक्षी रहे हैं। इसी सदन में विट्ठल भाई पटेल ने 1925 में ब्रिटिश प्रत्याशी को हराकर सेंट्रल लेजिस्लटिव एसेंबली के अध्यक्ष का चुनाव जीता था। अध्यक्ष के अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसदीय मर्यादाओं और निष्पक्षता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जो आज भी संसद और विधानसभाओं के लिए आदर्श है।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी जसवंत राम से लेकर ठाकुर सेन नेगी सहित अध्यक्षों एवं प्रभावशाली लोगों समृद्ध परंपरा रही है। इस विशेष सत्र में नेता प्रतिपक्ष का यहां संबोधन होना परिवक्व लोकतांत्रिक  संस्कृति का अनुकरणीयउदाहरण है। इस स्वस्थ परंपरा के बीज आजादी की लड़ाई में भी निहित थे। 
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बाबा कांशीराम, डॉ. परमार, पूर्व मुख्यमंत्रियों को याद किया
राष्ट्रपति ने कहा कि पहाड़ी गांधी के नाम से विख्यात कांगड़ा के बाबा कांशीराम जैसे स्वाधीनता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ यहां शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया और कारावास में जीवन बिताया। संविधान सम्मत मार्ग पर चलते हुए डॉ. यशवंत सिंह परमार, पंडित पद्मदेव, शिवानंद रमौल तथा अन्य जनसेवकों ने पहाड़ी क्षेत्रों के एकीकरण और हिमाचल की स्थापना के संघर्ष को आगे बढ़ाया। पचास साल में विकास की लोकगाथा पर सभी देशवासियों को गर्व है।

इसके लिए सभी पूर्ववर्ती सरकारों ने अहम भूमिका निभाई। सभी पूर्ववर्ती मुख्यमंत्रियों डॉ. वाईएस परमार, रामलाल ठाकुर, शांता कुमार, वीरभद्र सिंह और प्रेमकुमार धूमल की वह सराहना करते हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार इंडिया इंडेक्स 2020-21 के तहत सतत विकास लक्ष्य में हिमाचल देश में दूसरे नंबर पर है। हिमाचल प्रदेश कई और मापदंडों में भी अग्रणी राज्य है। वह राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सरकार की सारी टीम को बधाई देते हैं। 


स्वतंत्र भारत का पहला मतदाता हिमाचल से, यहां लोकतांत्रिक चेतना जन-जन में
रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस क्षेत्र के जन-जन में व्याप्त लोकतांत्रिक चेतना से ही यह ऐतिहासिक संयोग बना कि स्वतंत्र भारत के पहले वोटर का श्रेय हिमाचल के ही श्याम सरण नेगी को जाता है। वह भारतीय निर्वाचन आयोग ने उन्हें 2014 के चुनाव में ब्रांड एंबेसडर बनाया था। सौ साल से अधिक आयु के नेगी आज भी सक्रिय हैं। एक सजग मतदाता का उनका उदाहरण राज्य निर्वाचन आयोग भी प्रस्तुत करता है।

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