ऊर्जा मंत्री का बयान: बीबीएन क्षेत्र में संकट से उभरने के लिए खरीदी छह करोड़ की बिजली
बिजली संकट से उभरने के लिए सरकार ने छह करोड़ की बिजली खरीदी है। साथ ही आने वाले समय में बिजली संकट से उभरने के लिए हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन से समझौता ज्ञापन किया गया है। यह बात ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने नालागढ़ में जनमंच के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही।
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हिमाचल प्रदेश के बीबीएन क्षेत्र में बिजली संकट से उभरने के लिए सरकार ने छह करोड़ की बिजली खरीदी है। साथ ही आने वाले समय में बिजली संकट से उभरने के लिए हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन से समझौता ज्ञापन किया गया है। यह बात ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने नालागढ़ में जनमंच के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे भारत में सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रही है। कई राज्यों में 10 रुपये यूनिट बिजली दी जा रही है। हिमाचल में 125 यूनिट मुफ्त देने की भी घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट का कारण हाइड्रो पावर हाउस में पानी की कमी के चलते बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरा कारण यूक्रेन और रूस के बीच लड़ाई के कारण पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है।
जो हमारे थर्मल प्लांट हैं, कोयला कम मिल रहा है। चौधरी ने कहा कि हमारे पास चार थर्मल प्लांट हैं, जिसमें 250 मेगावाट की क्षमता है और 125 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है। इसलिए सरकार 12 रुपये प्रति यूनिट बाहर के राज्यों से बिजली लेकर हिमाचल के लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। गौर रहे कि प्रदेश की इंडस्ट्री में बिजली कटौती से रोजारा करोड़ों का नुकसान हो रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से इंडस्ट्री में रोजाना 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। हालांकि, सरकार ने 15 दिन में करीब 57 करोड़ की बिजली खरीदी है।