{"_id":"5fd9bd64015f6f7ad656c63f","slug":"pollution-control-board-permission-for-dairy-farming-in-himachal-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेयरी फार्म, गोशाला के लिए लेनी होगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेयरी फार्म, गोशाला के लिए लेनी होगी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी
Wed, 16 Dec 2020 01:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 16 Dec 2020 01:27 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में अब डेयरी फार्म और गोशाला खोलने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी लेनी पड़ेगी। आबादी से दो सौ मीटर, अस्पताल और स्कूल से 500 मीटर की दूरी रखनी होगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नई गाइडलाइंस बनाई हैं, जिन्हें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी कर दिया है। नए निर्देशों के अनुसार डेयरी फार्म और गोशाला का पंजीकरण स्थानीय निकायों में कराना जरूरी होगा।
विज्ञापन
इसके साथ ही बोर्ड को हर छह महीने में कम से कम दो डेयरी फार्म व दो गोशाला को क्रम रहित तरीके से चयनित कर पर्यावरण ऑडिट कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजना होगा। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को बोर्ड के अधिकारी इस संबंध में प्रशिक्षण व सलाह भी देंगे, जिससे गाइडलाइंस का पालन हो सके।
विज्ञापन
वहीं, इन गोशाला व डेयरी फार्म में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। कहा गया है कि वह परिसर को साफ रखने के साथ-साथ कचरे का नियमों के अनुसार निस्तारण करें। वहीं, गोबर से बायो गैस, वर्मीकंपोस्ट व ईंधन की तरह प्रयोग करने को लेकर भी कहा गया है। गोवंश के मूत्र को सीधे नाली, सीवर या जमीन में बहाने की बजाय उसको ट्रीट करना जरूरी होगा।
विज्ञापन