तिब्बती पीएम के लिए मतदान कल, नतीजे 14 मई को
- सेरिंग और दोरजे में टक्कर, अंतिम चरण के मतदान के लिए थमा प्रचार
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निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री यानी सिक्योंग पद और संसद के 45 सदस्यों को चुनने के लिए तिब्बती समुदाय के लोग 11 अप्रैल को मतदान करेंगे। 14 मई को इसके नतीजे घोषित किए जाएंगे। 17वीं निर्वासित तिब्बती संसद के अंतिम चरण के चुनाव के लिए प्रचार थम गया है। 11 अप्रैल को दुनिया भर के करीब 25 देशों में सिक्योंग यानी प्रधानमंत्री और संसद के 45 सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। पहले चरण के चुनावी नतीजों के बाद अब प्रधानमंत्री पद के लिए पेंपा सेरिंग और केलसंग दोरजे आकत्संग में मुकाबला है।
दूसरे चरण के मतदान में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, पोलैंड, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, यूके, जापान, नेपाल, अमेरिका, रूस, ताइवान सहित भारत के कई हिस्सों में तिब्बती लोग नए प्रधानमंत्री के लिए मतदान करेंगे। मतदान के नतीजे 14 मई को घोषित होने के साथ ही निर्वासित तिब्बत सरकार को नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा।
22 दिसंबर तक दुनिया भर में कुल 79,697 मतदाताओं ने चुनाव में मतदान करने के लिए पंजीकरण किया था। इनमें से 55,683 मतदाता भारत में रहते हैं। 11 अप्रैल को अंतिम चरण के मतदान के बाद दुनिया भर में रह रहे करीब पौने दो लाख तिब्बतियों का अपना नया नेतृत्व करने वाला मिलेगा।
निर्वासित तिब्बत सरकार के चुनाव आयोग के मुख्य आयुक्त वांगडु सेरिंग ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कोरोना के चलते भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के तहत मतदान होगा। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त मतदान केंद्र भी बनाए जा सकते हैं।
पेंपा सेरिंग ने किया सिर्फ ऑनलाइन प्रचार
देश-दुनिया में कोरोना संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पेंपा सेरिंग ने सिर्फ ऑनलाइन माध्यमों से प्रचार किया। उन्होंने सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हुए डोर-टू-डोर प्रचार नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ही खुद के लिए जनता से वोट मांगे।