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पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप: 28 देशों के 138 पायलटों ने किया आवेदन, 2 से 9 नवंबर तक होगा आयोजन
Thu, 10 Oct 2024 12:06 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बैजनाथ (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 10 Oct 2024 12:06 PM IST
सार
बीड़ बिलिंग घाटी में 2 से 9 नवंबर तक होने वाले पैराग्लाइडिंग के दूसरे वर्ल्ड कप में भाग्य आजमाने के लिए अब तक 28 देशों के 138 विदेशी पायलटों ने आवेदन किया है।
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बीड़ बिलिंग घाटी में पैराग्लाइडिंग।
- फोटो : संवाद
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध बीड़ बिलिंग घाटी में 2 से 9 नवंबर तक होने वाले पैराग्लाइडिंग के दूसरे वर्ल्ड कप में भाग्य आजमाने के लिए अब तक 28 देशों के 138 विदेशी पायलटों ने आवेदन किया है। इनमें भारत के 23 पायलट हैं। अब तक करीब 10 महिला पायलटों ने भी प्रतियोगिता में रुचि दिखाई है। घाटी में पिछले तीन-चार दिनों से बड़ी संख्या में देश-विदेश के पायलट नजर आने लगे हैं।
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रोजाना 200 से अधिक टेंडम उड़ानों को अंजाम दिया जा रहा है, जबकि 50 के करीब पायलट फ्री फ्लायर के रूप में उड़ान भर रहे हैं। वर्ष 2015 में ही एक मात्र पहला वर्ल्ड कप बीड़ में हुआ है और अब दूसरी बार बीड़ को वर्ल्ड कप की मेजबानी मिली है। घाटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्री-वर्ल्ड कप का ही आयोजन होता रहा है।
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वर्ल्ड कप के विजेता को तीन लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले पायलट को 2.60 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले पायलट को 2.10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार महिला विजेता को 2.10 लाख, उप विजेता को 1.65 लाख और तीसरे स्थान पर 1.25 लाख रुपये इनाम रखा गया है।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय पायलटों को अलग से इनाम दिया जाएगा। प्रतियोगिता नजदीक आ रही है लेकिन बिलिंग के टेक ऑफ प्वाइंट की दशा को देख कर देशी विदेशी-पायलटों में नाराजगी है। टेक ऑफ प्वाइंट के लिए नई मैट का प्रपोजल पर्यटन विभाग को भेजा गया है, लेकिन अभी तक बजट जारी नहीं हो सका है। पायलटों का कहना है कि करीब 35 लाख रुपये उनकी फीस का साडा के तहत जमा है और उससे मैट की समस्या हल हो सकती है।