बस किराया बढ़ोतरी पर विपक्ष और लोगों में उबाल, मंत्री अब हां-ना में उलझे
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बस किराया बढ़ोतरी पर विपक्ष और लोगों में जबरदस्त उबाल पैदा हो गया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शुक्रवार को दरअसल परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने 25 फीसदी तक किराया बढ़ाए जाने का फैसला लिए जाने की योजना की पुष्टि कर दी थी, जिसके बाद यह बवाल खड़ा हो गया। कुछ निजी ऑपरेटरों में भी किराया बढ़ाने के बारे में सूचना मिली तो कई जगहों पर मिठाइयां भी बंट चुकी थीं, लेकिन परिवहन मंत्री दूसरे दिन शनिवार को हां-ना में उलझ गए। इसके बाद शनिवार को भी इस संबंध में सरकार का ठीक से स्पष्टीकरण नहीं आ पाया।
हिमाचल में बस किराया बढ़ोतरी के मामले को लेकर प्रदेश भर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आती रहीं। विपक्ष के नेताओं ने इसका जमकर विरोध किया तो लोगों ने भी सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दीं। इस भारी हंगामे के बीच शनिवार को मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी बात में यह तो स्वीकार किया कि इस बारे में कैबिनेट की बैठक में चर्चा हुई, लेकिन किराया बढ़ोतरी के सवाल पर वह हां-ना में ही फंसे रहे। शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में किराये बढ़ोतरी पर सहमति बनी थी। दरअसल यह मामला पहले तो कैबिनेट के एजेंडे में नहीं था। कोरोना को लेकर निजी बस ऑपरेटर बार-बार प्रदेश सरकार पर 50 फीसदी किराया बढ़ोतरी का दबाव बना रहे थे।
इसके बावजूद इस विषय पर कैबिनेट में चर्चा हुई। सभी पहलुओं पर नजर रखते हुए इस प्रस्ताव के हिसाब से बढ़ोतरी करने के बजाय इसके आधे यानी 25 फीसदी की बढ़ोतरी करने पर सहमति बनती रही। बाद में मंत्री ने भी इसकी पुष्टि की। हालांकि पूर्व में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भी सरकार ने परिवहन विभाग को किराये को लेकर प्रस्ताव तैयार करने को कहा था। यह भी सरकार के पास पहुंच गया था। इन सभी पहलुओं पर नजर रखते हुए सरकार ने किराये की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर कह रहे हैं कि किराया बढ़ोतरी पर कैबिनेट में चर्चा हुई है। अभी अंतिम फैसला लेना है। उल्लेखनीय है कि अधिसूचना होने पर ही अंतिम फैसले की स्थिति होगी। ऐसा माना जा रहा है।
बस भाड़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि का फैसला जनविरोधी : राठौर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने प्रदेश सरकार के बस भाड़े में 25 प्रतिशत की वृद्धि के फैसले को पूरी तरह जनविरोधी बताया है। कोविड-19 के नाम पर देश-प्रदेश के लोगों से यह लूट दुर्भाग्यपूर्ण है। राठौर ने शनिवार को शिमला में कहा कि प्रदेश में जयराम सरकार लोगों के साथ बड़ा अन्याय कर रही है। प्रदेश में कोविड-19 के चलते सरकार ने लोगों को कोई भी राहत प्रदान नहीं की है। एक तरफ बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी से लोग परेशान हैं, दूसरी तरफ सरकार अपने खजाने को भरने में लगी है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा है कि प्रदेश में बस किराये में किसी भी प्रकार की कोई भी वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। पेट्रोल, डीजल के मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि कर सरकार जो अपना खजाना भर रही है, उस खजाने से लोगों को राहत दी जानी चाहिए। प्रदेश की सीमाओं को जिस प्रकार अब पर्यटकों की आवाजाही के लिए खोल दिया है, उससे प्रदेश में कोविड 19 को लेकर लोगों में भय है।