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Himachal High Court: 12 वर्ष पूरे करने पर जल रक्षक को नियमितीकरण का लाभ
Tue, 20 Sep 2022 12:23 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 20 Sep 2022 12:23 PM IST
सार
सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अपील खारिज करने के बाद याचिकाकर्ता ने एकल पीठ के निर्णय को लागू न करने पर अवमानना याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर दी है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 वर्ष पूरे करने वाले जल रक्षकों को पंप परिचालक के पद पर नियमित करने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिए हैं। अदालत ने सचिव जल शक्ति विभाग को आदेश दिए कि वह दो सप्ताह के भीतर अदालत के निर्णय को लागू करें। याचिकाकर्ता संतोष कुमार और सुभाष चंद जल शक्ति विभाग में जल रक्षक के पद पर तैनात थे। 12 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने पंप परिचालक के पद पर नियमित करने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने पाया था कि याचिकाकर्ताओं का मामला जगदीश चंद के निर्णय में दिए तथ्यों की तरह है।
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अदालत ने विभाग को आदेश दिए थे कि जो लाभ जगदीश चंद को दिए जाने के आदेश किए गए है, वही लाभ याचिकाकर्ताओं की तीन महीने में दिए जाए। हाईकोर्ट की खंडपीठ के निर्णय को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने भी एकलपीठ के निर्णय पर अपनी मोहर लगा दी। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अपील खारिज करने के बाद याचिकाकर्ता ने एकल पीठ के निर्णय को लागू न करने पर अवमानना याचिका दायर की थी। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर दी है।
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