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बीआरओ समेत केंद्रीय परियोजनाओं के लिए अब कोई भी कंपनी दे सकती है स्टील और सरिया
Tue, 23 Feb 2021 11:40 AM IST
Krishan Singh
सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर
सरोज पाठक, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:40 AM IST
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स्टील(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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बीआरओ समेत केंद्रीय परियोजनाओं के लिए अब कोई भी कंपनी स्टील और सरिया दे सकती है। व्यवस्था में बदलाव कर केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों को पत्र भेजा है। पत्र में साफ किया है कि निर्माण कार्य के लिए सिर्फ आईएस मार्क स्टील ही हो। मंत्रालय ने शर्त रखी है कि एनएबीएल एफलिएटिड लैबोरेटरी के इंजीनियर इस स्टील का टेस्ट करेंगे। आईएस मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इसे स्वीकृति दी जाएगी।
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मंत्रालय ने इसकी कॉपी राज्यों के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी है। बीआरओ, एनएचएआई सहित लोनिवि के मुखियाओं को भी कॉपी भेजी गई है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने 17 फरवरी से इसे लागू भी कर दिया है। अधिसूचना से पहले केंद्र की परियोजनाओं और बीआरओ को केवल तीन बड़ी कंपनियां ही स्टील सप्लाई करती थीं। इनमें टाटा, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों ने कोरोना काल में स्टील के दाम 65 फीसदी बढ़ा दिए थे।
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इसके बाद केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कंपनियों को दाम पर अंकुश लगाने के लिए चेताया था। दाम में कमी नहीं आने के बाद मंत्रालय ने उक्त अधिसूचना जारी की। इसकी पुष्टि रोड डेवलपमेंट के डायरेक्टर जनरल अशोक कुमार शर्मा ने पत्र संख्या आर डबल्यू/एनएच-34066/09/2017-एसएंडआर (बी) में की है।
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सरकारी परियोजनाओं में स्मार्ट सिटी, एम्स, बीआरओ और अन्य परियोजनाओं में काम करने वाले ठेकेदारों को पहले 35 रुपये किलोग्राम स्टील मिलती थी। जब इसमें वृद्धि हुई तो फिक्स करते तक इसका दाम 70 रुपये पड़ने लगा। स्टील के दाम बढ़ने पर ठेकेदारों ने कई जगह काम रोक दिया था।