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Shimla News: ऊना में अवैध पेड़ कटान पर एनजीटी ने लिया कड़ा संज्ञान, वन विभाग से जवाब तलब
Thu, 02 Feb 2023 07:08 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 02 Feb 2023 07:08 PM IST
सार
अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश अचल संपत्ति नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रतिवादी के प्लॉट की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है। ट्रिब्यूनल को बताया गया कि प्रतिवादी ने अपने प्रोजेक्ट को रेरा के समक्ष पंजीकृत नहीं करवाया है।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऊना में पेड़ों के अवैध कटान पर कड़ा संज्ञान लिया है। न्यायिक सदस्य अरुण कुमार त्यागी और सदस्य अफरोज अहमद ने प्रोजेक्ट मालिक समेत वन विभाग से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित की गई है। स्थानीय निवासी भावक पराशर की याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी इंदु वालिया की ओर से प्रोजेक्ट की आड़ में विभिन्न प्रकार के पेड़ों का कटान किया जा रहा है। भारी-भरकम मशीनों के जरिये पहाड़ी को काटकर समतल किया जा रहा है। अब वह इस जमीन के प्लॉट बनाकर बेचने की तैयारी में है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस भूमि को प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल करने के लिए पेड़ों का कटान किया गया है। इससे पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। मामले में डीसी ऊना ने ट्रिब्यूनल को बताया कि इस मामले में वन विभाग की ओर से जांच करवाई गई। वन विभाग ने प्रतिवादी को अवैध पेड़ कटान के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश अचल संपत्ति नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने प्रतिवादी के प्लॉट की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई है। ट्रिब्यूनल को बताया गया कि प्रतिवादी ने अपने प्रोजेक्ट को रेरा के समक्ष पंजीकृत नहीं करवाया है।
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