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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल: आम के पेड़ों की काट-छांट मामले में डीसी ऊना तलब
Wed, 09 Nov 2022 11:51 AM IST
अरविन्द ठाकुर
पुष्पेन्द्र वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
पुष्पेन्द्र वर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 09 Nov 2022 11:51 AM IST
सार
स्थानीय निवासी अविनाश विद्रोही ने पत्र के माध्यम से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को अवैध काट छांट के बारे में शिकायत की है।
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एनजीटी
- फोटो : NGT
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऊना में 200 आम के पेड़ों की काट छांट के मामले में उपायुक्त ऊना को तलब किया है। ट्रिब्यूनल ने लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को भी पेश होने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई 13 जनवरी 2023 को निर्धारित की गई है। इस मामले में संयुक्त जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को सौंपी है। कमेटी ने ट्रिब्यूनल को बताया है कि आम के पेड़ों की काट छांट बिना अनुमति से की गई है।
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वन विभाग की ओर से आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के बाद ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव, मुख्य अरण्यपाल, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग, जिलाधीश ऊना और ठेकेदार से जवाब तलब किया था। जवाब दायर न किए जाने पर ट्रिब्यूनल ने इन अधिकारियों का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी समझा है। बता दें कि स्थानीय निवासी अविनाश विद्रोही ने पत्र के माध्यम से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को अवैध काट छांट के बारे में शिकायत की है। आरोप लगाया गया है कि दौलतपुर-गगरेट-गुगलेहड़ सड़क के किनारे लगभग 200 पेड़ों की अवैध रूप से काट छांट की गई।
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लोक निर्माण विभाग ने सड़क की तरफ की टहनियों को बिना किसी अनुमति के काटा है। इससे पर्यावरण का नुकसान हो रहा है। विभाग ने पर्यावरण को बचाने के लिए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर पारित आदेशों की अवहेलना भी की है। ट्रिब्यूनल ने पाया कि पत्र में लगाए गए आरोप गंभीर हैं। इसकी जांच और रोकथाम जरूरी है। ट्रिब्यूनल ने कमेटी को आदेश दिए थे कि वह याचिकाकर्ता के आरोपों की जांच करे और इसके रोकथाम के लिए कानूनी तौर पर आवश्यक कदम उठाए।
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