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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   National Education Policy: HPU affiliated colleges will take four-year honors, decision on starting research d

राष्ट्रीय शिक्षा नीति: एचपीयू से संबद्ध कॉलेज लेंगे चार वर्षीय ऑनर्स, रिसर्च डिग्री शुरू करने पर फैसला

Wed, 10 Apr 2024 10:24 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 10 Apr 2024 10:24 AM IST
सार

प्रदेश विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 से संबद्ध कॉलेजों में एनईपी-2020 को लागू करने के लिए सिलेब्स को तैयार कर उसे मंजूर करवाने की तैयारी शुरू कर दी है।

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National Education Policy: HPU affiliated colleges will take four-year honors, decision on starting research d
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 से संबद्ध कॉलेजों में एनईपी-2020 को लागू करने के लिए सिलेब्स को तैयार कर उसे मंजूर करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। नीति के अनुसार चार वर्षीय यूजी डिग्री विद ऑनर्स और रिसर्च प्रदेश के चुनिंदा कॉलेजों में ही शुरू की जा सकेगी। कॉलेज ही ऑनर्स, रिसर्च डिग्री देने को उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के पूरा होने पर ही विश्वविद्यालय से इसके लिए अनुमति लेंगे। अधिकतर कॉलेज तीन साल की ही यूजी डिग्री कोर्स को करवाना जारी रखेंगे। एनईपी के लागू होने पर यूजी छात्रों के पास तीन या चार साल की डिग्री पूरी करने की अवधि में बीच में डिग्री को अधूरी छोड़ फिर से कुछ अंतराल के बाद उसे पूरा करने की सुविधा जरूर मिलेगी। एक साल यानि दो सेमेस्टर पूरे करने पर छात्र को यूजी सर्टिफिकेट मिल जाएगा।

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इसमें छात्र को 40 क्रेडिट और वोकेशनल कोर्स के चार क्रेडिट प्राप्त करने ही होंगे। दो साल यानि चार सेमेस्टर पूरे करने और 80 क्रेडिट और चार वोकेशनल कोर्स के क्रेडिट प्राप्त करने पर यूजी डिप्लोमा विवि से मिल जाएगा। सर्टिफिकेट और डिप्लोमा प्राप्त करने वाले छात्रों को तीन साल के भीतर फिर से अपनी डिग्री की पढ़ाई को पूरा करने को एंट्री करनी होगी। छात्र को सात साल में अपनी तीन साल की डिग्री पूरी करने को मिलेंगे। यूजी की तीन साल की डिग्री को पूरा करने को छात्र को न्यूनतम 120 क्रेडिट प्राप्त करना जरूरी होगा, जबकि चार वर्षीय यूजी डिग्री शुरू करने पर छात्र को न्यूनतम 160 क्रेडिट प्राप्त करना आवश्यक होगा, तभी उन्हें ऑनर्स, रिसर्च के साथ चार वर्षीय डिग्री विवि से मिल पाएगी। तीन साल छह सेमेस्टर पूरे करने के बाद छात्र तीन अतिरिक्त कोर्स पढ़कर ऑनर्स या रिसर्च को चुन सकेंगे।

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पहले छह सेमेस्टर में 75 फीसदी अंक अर्जित करने वालों को ही रिसर्च डिग्री में प्रवेश
यूजी की चार वर्षीय रिसर्च डिग्री में सिर्फ उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने पहले छह सेमेस्टर तीन साल में 75 फीसदी या इससे अधिक अंक अर्जित किए होंगे। ऐसे छात्रों को यूनिवर्सिटी या कॉलेज फैकल्टी के तहत रिसर्च करनी होगी। उन्हें इसके 12 क्रेडिट प्राप्त करने होंगे। आनर्स के लिए तीन विषयों में 12 क्रेडिट लेेने पर ही डिग्री मिल सकेगी। चार साल की ऑनर्स या विद रिसर्च डिग्री के लिए कॉलेज के पास पुस्तकालय, जर्नल, कंप्यूटर लैब और सॉफ्टवेयर, लैबोरेटरी के अलावा दो स्थायी पीएचडी सुपरवाइजर के रूप में कार्य करने को फैकल्टी का होना जरूरी होगा।

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चार वर्षीय आनर्स और रिसर्च के साथ डिग्री के लिए तैयार किया जा रहा सिलेब्स- प्रो. शिवराम
 विवि के अधिष्ठाता अध्ययन और एनईपी-2020 लागू करने को बनी कोर कमेटी के अध्यक्ष बीके शिवराम ने कहा कि विवि एनईपी के डाक्यूमेंट के अनुसार चार यूजी की चार वर्षीय आनर्स और रिसर्च डिग्री के लिए सिलैब्स तैयार कर रहा है, यह कॉलेजों और शिक्षा विभाग, कॉलेजों पर लागू करने पर निर्भर करेगा, कि कौनसा कॉलेज कौनसी डिग्री देगा।

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