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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सरकार को भेजा रिमाइंडर
Thu, 15 Jul 2021 11:44 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 15 Jul 2021 11:44 AM IST
सार
आयोग ने विवि प्रबंधन को बिना शर्त प्रमाणपत्र लौटाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी विवि की कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान ले चुका है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने हिमाचल सरकार को ऊना के इंडस विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों के असली प्रमाणपत्र नहीं लौटाने के मामले में रिमाइंडर भेजा है। मुख्य सचिव और निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजकर राष्ट्रीय आयोग ने मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की है। ऊना स्थित इंडस विवि प्रबंधन पर विद्यार्थियों के असली प्रमाणपत्र नहीं लौटाने का आरोप है। राज्य निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों के असली प्रमाणपत्र नहीं लौटाने पर नोटिस जारी कर चुका है।
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आयोग ने विवि प्रबंधन को बिना शर्त प्रमाणपत्र लौटाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी विवि की कार्यप्रणाली पर कड़ा संज्ञान ले चुका है। अब आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र जारी कर मामले की वस्तुस्थिति से अवगत करवाने को कहा है। सरकार से पूछा है कि कितने विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र लौटाए गए हैं। कितनों के अभी शेष हैं। रिमाइंडर के बाद विनियामक आयोग की ओर से भी विवि प्रबंधन को पत्र जारी कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि विवि को बीते दिनों नोटिस देकर प्रमाणपत्र लौटाने के लिए कहा था। विवि की ओर से कुछ शर्तें लगाई जा रही हैं।
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आयोग ने दोबारा नोटिस जारी कर बिना शर्त प्रमाणपत्र लौटाने के लिए कहा है। अगर विवि प्रबंधन ने जल्द प्रमाणपत्र नहीं लौटाए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सभी निजी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि दाखिले के समय विद्यार्थियों के स्वयं सत्यापित फोटोस्टेट प्रमाण पत्र ही लिए जाएं। दसवीं और 12वीं कक्षा के असली प्रमाणपत्र कोई संस्थान अपने पास न रखे। असली प्रमाण पत्र सिर्फ स्वयं सत्यापित दस्तावेज चेक करने के लिए ही देखे जाएं।
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