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एनसीईआरटी: असमंजस खत्म, स्कूलों में होगी नेशनल अचीवमेंट सर्वे की परीक्षा

Tue, 09 Nov 2021 10:36 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 09 Nov 2021 10:36 AM IST
सार

नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) के तहत 12 नवंबर को तीसरी, पांचवीं, आठवीं एवं दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की देश भर में परीक्षा होगी। सर्वे के जरिये सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का शैक्षिक मूल्यांकन किया जाएगा।

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national achievement survey exam in himachal govt schools on 2 November 2021
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल अचीवमेंट सर्वे की राह आसान हो गई है। अब 12 नवंबर को तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा स्कूलों में होगी। गणित, विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान विषय की दो-दो घंटे की परीक्षा ली जाएगी। ओएमआर शीट पर यह परीक्षा होगी। अभी तक प्रदेश में तीसरी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल बंद होने से सर्वे की परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।

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अब सरकार ने बुधवार से तीसरी से सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी नियमित कक्षाएं शुरू करने का फैसला लेकर भ्रम की स्थिति को दूर कर दिया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे (एनएएस) के तहत 12 नवंबर को तीसरी, पांचवीं, आठवीं एवं दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों की देश भर में परीक्षा होगी। सर्वे के जरिये सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का शैक्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। हिमाचल के 1979 स्कूलों में सर्वे की परीक्षा होगी। एनसीईआरटी और सीबीएसई के संयुक्त तत्वावधान में सर्वे करवाया जा रहा है। परीक्षा में प्रश्नपत्र बहुविकल्पीय होंगे। तीसरी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों से गणित, भाषा एवं ईवीएस विषय से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
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आठवीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों से सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, गणित, हिंदी और अंग्रेजी विषयों से संबंधित प्रश्न आएंगे। इस सर्वे का उद्देश्य सभी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के उपलब्धि स्तर का आकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार करते हुए विद्यार्थियों के सीखने में सुधार लाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य किए जाते हैं। दो वर्ष बाद इस सर्वे को किया जाता है।

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