Solan News: मौत को मात देकर घर पहुंचीं पर्वतारोही बलजीत कौर, हौसले बुलंद, जारी रखेंगी यात्राएं
पत्रकारों से बातचीत के दौरान बलजीत ने कहा कि बीते 16 अप्रैल को वह अन्नपूर्णा पहाड़ी के लिए रवाना हुई थीं। 17 अप्रैल को बीच रास्ते में ही उसके साथ मौजूद शेरपा उसे छोड़कर चला गया। कुछ दूरी पर जाने के बाद एक अन्य शेरपा कंपनी द्वारा भेजा गया।
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नेपाल की अन्नपूर्णा पहाड़ी में हुए हादसे से सुरक्षित लौटीं हिमाचल प्रदेश की पर्वतारोही बलजीत कौर ने ट्रैकिंग एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। शनिवार को सोलन पहुंचने पर बलजीत कौर ने कहा कि ट्रैकिंग एजेंसी की लापरवाही से ही उनके साथ हादसा हुआ। हालांकि, वह हादसे में मौत को मात देकर सुरक्षित घर पहुंच गई हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान बलजीत ने कहा कि बीते 16 अप्रैल को वह अन्नपूर्णा पहाड़ी के लिए रवाना हुई थीं। 17 अप्रैल को बीच रास्ते में ही उसके साथ मौजूद शेरपा उसे छोड़कर चला गया। कुछ दूरी पर जाने के बाद एक अन्य शेरपा कंपनी द्वारा भेजा गया।
करीब 36 घंटे का सफर तय करने के बाद वह माउंट अन्नपूर्णा पर 17 अप्रैल को सायं 6:00 बजे पहुंचीं। वह बुरी तरह से थक गई थीं। जो शेरपा उनके साथ था, वह भी काफी थका हुआ था। क्योंकि दो दिन पहले ही वह एक अन्य चोटी पर जाकर आया था। जब वह अन्नपूर्णा पहाड़ी से लौटने लगीं तो वह बुरी तरह से थकी हुईं महसूस करने लगीं। उनके साथ जो शेरपा मौजूद था, वह एक अन्य पर्वतारोही की सहायता के लिए चला गया। देर रात तक वह अकेली चलती रहीं। 10 मीटर चलने के बाद वह आराम करतीं और फिर से आगे बढ़ जातीं। बलजीत ने कहा कि इस दौरान तेज बर्फीला तूफान चल रहा था। बुरी तरह से थकने के बाद देर रात नींद आ गई।
18 अप्रैल की सुबह जब वह करीब 8:00 बजे उठीं तो वह वहां पर अकेली थीं। इस सबके बीच अच्छी बात यह थी कि सुरक्षा रस्सी को नहीं छोड़ा था। वह उसी के सहारे चलती रहीं। बलजीत ने कहा कि उसने अपने मोबाइल के एप से सैटेलाइट सिग्नल रेस्क्यू टीम को भेजा और सहायता मांगी। करीब पांच घंटे बाद दोपहर 1:00 बजे उनके पास रेस्क्यू दल पहुंचा। 48 घंटे तक बर्फ में रहीं और सबको यह लग रहा था कि उसके हाथ-पांव पर बर्फ की वजह से घाव बन गए होंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था। जो प्रशिक्षण लिया था, वह इस खतरे के बीच काम आया और उसी की वजह से वह आज जिंदा हैं। बलजीत ने कहा कि वह भविष्य में भी इस प्रकार की यात्राएं जारी रखेंगी। फिलहाल वह तीन-चार माह आराम करना चाहती हैं, इसके बाद आगे का सफर शुरू करेंगी।
बेटी को देख छलके मां के आंसू, लगा लिया गले
पर्वतारोही बलजीत कौर दिल्ली से शनिवार को सीधे सोलन के एक निजी होटल पहुंचीं। जहां पर उनकी माता शांति देवी और अन्य परिजन पहले से मौजूद थे। बेटी को देखकर उसकी मां भावुक हो गईं। उनकी आंखें भर आईं। इस दौरान मां ने बेटी को गले लगा लिया। बलजीत कौर काफी खुश दिखाई दीं। उन्हें विभिन्न संस्थाओं की ओर से सम्मानित भी किया गया। इसमें हॉकी क्लब सोलन के सदस्यों ने भी बलजीत का फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। शिवालिक बॉयोमेटल कंपनी के एमडी एमएस घुमन, मेरिडियन ग्रुप के एमडी विनोद गुप्ता और विनीत गुप्ता ने भी उन्हें सम्मानित किया।