MC Shimla Budget: सुविधाओं के साथ जनता पर बढ़ाया टैक्स का बोझ, पानी भी होगा महंगा, जानें बड़ीं घोषणाएं
नगर निगम शिमला ने इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर शहरवासियों को कई नई सौगात देने के सपने तो दिखा दिए लेकिन साथ ही जनता पर टैक्स का बोझ भी डाल दिया।
विस्तार
कांग्रेस शासित नगर निगम ने इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर शहरवासियों को कई नई सौगात देने के सपने तो दिखा दिए लेकिन साथ ही जनता पर टैक्स का बोझ भी डाल दिया। बजट में अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स की दरें बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। हालांकि, शहर में प्राॅपर्टी टैक्स में हर साल बढ़ोतरी होती है। इस बार भी यह बढ़ोतरी होनी है। बजट भाषण के दौरान महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर के अनुसार शिमला शहर में संपत्ति कर बढ़ाया जाएगा।
ऐसा करने से ही केंद्रीय वित्त आयोग से अनुदान मिलना है। अप्रैल से यह दरें बढ़ेंगी। अनुमान है कि इस बार छह से आठ फीसदी तक टैक्स बढ़ोतरी हो सकती है। बीते साल करीब सात फीसदी टैक्स बढ़ोतरी हुई थी। शिमला शहर में 32507 भवनमालिकों पर इसका बोझ पड़ेगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम ने टैक्स वसूली का टारगेट पूरा कर लिया है। ऐसे में इस साल केंद्र से करीब दस करोड़ रुपये की ग्रांट मिलना तय है। शहर में अप्रैल से कूड़ा शुल्क की दरें भी दस फीसदी बढ़ जाएंगी। पानी की दरें भी आठ फीसदी बढ़ेंगी। शहरवासी इस बार टैक्स में सालाना बढ़ोतरी से राहत की उम्मीद कर रहे थे लेकिन बजट में टैक्स बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।
डक्ट से गुजरने वाले पाइपलाइन, तार का किराया वसूलेगा निगम
शहर के मालरोड पर बन रहा डक्ट भी निगम के लिए कमाई का जरिया बनेगा। इसमें से गुजरने वाली हर पाइपलाइन, केबल, बिजली तार का संबंधित विभाग से किराया वसूला जाएगा। इसका क्या किराया रहेगा, इसकी दरें तय की जा रही हैं।
निगम के इतिहास का रिकॉर्ड तोड़ 688 करोड़ का बजट
महापौर सुरेंद्र चौहान ने शुक्रवार को नगर निगम इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा 688.02 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। 1851 में बने देश के सबसे पुराने नगर निगमों में शामिल शिमला नगर निगम में साल 1986 से चुनी हुई व्यवस्था के तहत हर साल बजट पेश होता है। बीते साल शिमला नगर निगम का बजट 188 करोड़ रुपये था। इस बार यह बढ़कर 688.02 करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे पहले साल 2017 में माकपा शासित नगर निगम ने 401 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया था। करीब नौ साल बाद कांग्रेस शासित निगम ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। महापौर सुरेंद्र चौहान ने शुक्रवार को सदन में दो घंटे 17 मिनट खड़े होकर 66 पेज लंबा बजट पढ़ा। दावा किया कि इस बार बजट में की गई हर घोषणा धरातल पर उतरेगी। कहा कि नगर निगम ने आय के संसाधन बढ़ने के बाद ही बजट का आकार बढ़ाया है। सब्जी मंडी में मॉडर्न निगम परिसर के लिए 140 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। 50 करोड़ रुपये चैलेंज फंड से मिलेंगे। इमसें शॉपिंग मॉल, सिनेमा आदि बनेंगे जिनसे आय होगी। तारादेवी में एडीबी 66 करोड़ रुपये देगा जिससे वेलनेस सेंटर बनेगा। यह भी बाद में निगम को मिलेगा जिससे कमाई होगी। यहां निगम की 87 बीघा जमीन है। इसकी निशानदेही भी कर ली है। बालूगंज में कर्मचारी आवास के लिए 34 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। बॉन्ड के जरिये दो सौ करोड़ मिलेंगे जिससे फ्लैट तैयार होंगे।
किस साल कितना रहा बजट का आकार
साल बजट
2025 188 करोड़ रुपये
2024 247 करोड़ रुपये
2023 180 करोड़ रुपये
2022 224 करोड़ रुपये
2017 401 करोड़ रुपये
राजधानी में बनेंगे 14 नए खेल मैदान, 17 पार्किंग और 25 नई सड़कें
राजधानी के युवा अब खेल के मैदानों से वंचित नहीं रहेंगे। नगर निगम शहर के विभिन्न स्थानों पर 14 नए खेल मैदान बनाने जा रहा है। बचत भवन में महापौर सुरेंद्र चौहान ने अपने बजट भाषण में इसको लेकर घोषणा की है। महापौर ने कहा कि इस वित्त वर्ष में 55 करोड़ रुपये की लागत से खेल मैदान, सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे। महापौर ने बजट भाषण में बताया कि वार्ड पार्षदों की ओर से दी गई प्राथमिकता में 42.30 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया गया है। इसमें 25 स्थलों पर नए रोगी वाहन, 17 जगहों पर 450 गाड़ियों की नई पार्किंग और शहर के 12 जगहों पर सामुदायिक भवन बनाए जाएंगे। इससे लोगों को मुंडन, शादी समारोह या फिर रिटायरमेंट जैसे कार्यक्रम घर के नजदीक हो पाएंगे। महापौर ने बताया कि प्रथम फेज में 20 करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है जबकि दूसरे फेज में 22.30 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। वहीं निगम के नालों व नालियों को पक्का करने के लिए 90 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं रिज के बचे भाग को मजबूती करने क काम जल्द शुरू किया जाएगा। वहीं शौचालय, व्यवसायिक परिसर, आवासीय भवनों की मरम्मत व देखरेख को लेकर बजट में 5.35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
भाजपा ने किया वॉकआउट, पहली बार बिना विपक्ष के पेश हुआ बजट
राजधानी में पहली बार नगर निगम सदन में बिना विपक्ष के ही वार्षिक बजट पेश किया गया। भाजपा पार्षदों ने शुक्रवार को बजट से ठीक पहले सदन में नारेबाजी कर दी। फिर सवाल उठाते हुए वॉकआउट भी कर दिया। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बचत भवन में कांग्रेस पार्षदों के सामने बजट पेश किया। पूर्वाह्न 11:46 बजे महापौर सुरेंद्र चौहान ने जैसे ही बजट भाषण पढ़ना शुरू किया तो भाजपा पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, बिट्टू कुमार ने महापौर से पूछा कि सदन में मेयर-डिप्टी मेयर के कार्यकाल को बढ़ाने वाली अधिसूचना दिखाई जाए। कहा कि सरकार का विधेयक खारिज हो चुका है। हाल ही में जो विधेयक विधानसभा में पेश किया गया, उसे अभी राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में नियमानुसार महापौर और उप महापौर का पद खाली है। भाजपा के अन्य पार्षद कमलेश मेहता, कल्याण धीमान, कुसुम ठाकुर, रचना झिन्ना, निशा ठाकुर और मीना चौहान भी महापौर की सीट के पास पहुंच गए और बजट पेश करने को लेकर सवाल उठाए। कहा कि महापौर असंविधानिक तौर पर बजट पेश कर रहे हैं।
बजट के दौरान कांग्रेसी पार्षद भी गायब
महापौर ने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। सदन में इस पर सवाल उठाना ठीक नहीं। पार्षद बोले कि यह मामला भी महापौर के खिलाफ ही चल रहा है। पार्षदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, जब बात नहीं बनी तो मेयर ने इनकी बातों को अनसुना कर 11:51 बजे से बजट भाषण शुरू कर दिया। भाजपा पार्षदों ने वॉकआउट कर दिया और सदन के बाहर नारेबाजी की। इसके बाद सभी पार्षद उपायुक्त के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कहा कि इसे सरकार को भेजा जाए। महापौर असंविधानिक तरीके से बजट पेश कर रहे हैं। सदन में बजट भाषण के दौरान अचानक कांग्रेस के आधा दर्जन पार्षद भी बाहर चले गए। ये काफी देर तक सदन से बाहर रहे। बाद में सदन में लौटे और बजट पर अपनी राय दी। उधर, भाजपा पार्षद दोबारा वापस सदन में नहीं लौटे। इन्होंने बजट की कॉपी तक नहीं ली।
पिछले निगम में भी हुआ था विरोध
पिछली भाजपा शासित नगर निगम में भी बजट के दौरान सदन में विरोध हो चुका है। पूर्व मेयर कुसुम सदरेट के बजट के दौरान नाराज तत्कालीन भाजपा पार्षद सत्या कौंडल ने बजट की कॉपी फाड़ दी थी। हालांकि, विपक्ष ने सदन से कभी वॉकआउट नहीं किया। महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि निगम ने ऐतिहासिक बजट पेश किया। जनता को क्या सौगात दी हैं, इसमें भाजपा को कोई दिलचस्पी नहीं है।
शहर में गरीबों के लिए बनेंगे आवास, हाईटेक होगा नगर निगम
शिमला में भूमिहीन गरीब परिवारों के लिए आवास बनाए जाएंगे। नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत भूमिहीन लाभार्थियों के लिए आवास बनाने जा रहा है। बजट में इसकी घोषणा की गई है। नगर निगम ने इसके लिए जमीन तलाश ली है। लिहाजा अब आगामी महीनों में इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। 25 करोड़ रुपये की लागत से करीब 100 आवास इन लाभार्थियों को बनाए जाएंगे। नगर निगम हाईटेक भी बनने जा रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर 50 लाख रुपये की लागत आएगी। यह कैमरे बाजार में अतिक्रमण को रोकने और चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर कूड़ा फेंकने वालों पर नजर रखेंगे। भरयाल में 8.72 करोड़ रुपये की लागत से 15 टीडीपी बायोमीथिनेशन संयंत्र लगाया जा रहा है। इससे कचरे से बिजली बनाने की क्षमता बढ़ेगी। शहर में कूड़ा ढोने के लिए 10 नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे। इस पर 1.40 करोड़ खर्च होंगे। नगर निगम के अदालती आदेश और इनसे जुड़ी कार्यवाही अब ऑनलाइन होगी। इससे पंजीकरण, ट्रैकिंग और प्रबंधन के लिए एक डिजिटल प्लेटफाॅर्म विकसित किया जा रहा है।
पंथाघाटी में बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट
आईजीएमसी-छोटा शिमला में भी नाइट स्वीपिंगमालरोड, लोअर बाजार और संजौली के बाद अब रिज से आईजीएमसी और छोटा शिमला में भी रात के समय सफाई की जाएगी। निगम के विभागाें और शाखाओं के पुराने रिकाॅर्ड एवं नक्शों का डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। कंगनाधार में फूड प्लाजा और वार्ड ऑफिस के नीचे पार्किंग का निर्माण होगा। विश्व बैंक की ओर से वित्त पोषित परियोजना के तहत पंथाघाटी, मेहली, हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी मैहली, दोची, बेल्स यूनिवर्सिटी, ब्यूलिया और आसपास के इलाकों में सीवरेज योजना प्रस्तावित है। पंथाघाटी में 3.1 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का कार्य 12.48 करोड़ से होना है।