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Lumpy skin disease: हिमाचल के नौ जिलों में लंपी त्वचा रोग महामारी घोषित

Fri, 19 Aug 2022 09:17 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 19 Aug 2022 09:17 PM IST
सार

हिमाचल में यह बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। प्रदेश सरकार ने बीमारी पर काबू पाने के लिए टास्क फोर्स गठित की है। सूचना मिलने पर टीम मौके पर जाकर पशुओं का इलाज कर रही है। 

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Lumpy skin disease epidemic declared in nine districts of Himachal
लंपी स्किन रोग - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति को छोड़कर नौ जिलों में लंपी त्वचा रोग को महामारी घोषित कर दिया है। इन जिलों में 6,300 सौ पशु संक्रमित हो गए हैं। 150 करीब पशु अब तक दम तोड़ चुके हैं। शुक्रवार को 756 नए पशु संक्रमित हुए हैं। हिमाचल में यह बीमारी तेजी से पांव पसार रही है। प्रदेश सरकार ने बीमारी पर काबू पाने के लिए टास्क फोर्स गठित की है। सूचना मिलने पर टीम मौके पर जाकर पशुओं का इलाज कर रही है। मदद को लेकर मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कि प्रदेश सरकार ने वैक्सीन खरीदने के लिए जारी की 12 लाख की राशि जारी की है। इसके अलावा जिलों को भी दवाइयां खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक हिमाचल प्रदेश में 27,831 से ज्यादा गायों को वैक्सीन लगाई गई है। प्रभावित जिलों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं। पांच किलोमीटर के दायरे में पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से गांव-गांव में डॉक्टरों की टीमें भेजी जा रही हैं। पशुपालकों को बीमारी के बारे में अवगत करवाया जा रहा है। 

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प्राकृतिक आपदा कोष से मिलेगा लंपी त्वचा रोग से मरे पशुओं का मुआवजा
 सरकार हिमाचल में लंपी त्वचा रोग से मरे पशुओं का मुआवजा प्राकृतिक  आपदा कोष से देगी। पशुपालकों को पशु चिकित्सक का प्रमाणपत्र संलग्न कर मुआवजे के लिए दावा करना होगा। पशु चिकित्सक की यह रिपोर्ट लगानी अनिवार्य होगी कि पशु की मौत लंपी त्वचा रोग के कारण हुई है। सरकार ने पहले ही वायरस से मरे पशुओं के मालिकों 30,000 रुपये की राहत राशि देने की घोषणा कर रखी है।  पशुपालकों को मुआवजा लेने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज क्षेत्र से संबंधित उपमंडलाधिकारी के पास मुआवजे लिए भेजना होंगे। एसडीएम ही ऐसे पशुपालकों को मुआवजा राशि भी जारी करेंगे। हिमाचल में रोग की चपेट में आने वाले पशुओं की संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है। इससे पशुपालकों की चिंता तो बढ़ी है और साथ ही सरकार के लिए भी रोग यह किसी चुनौती से कम नहीं है। राज्य के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा ने कहा कि लंपी त्वचा रोग से मरने वाले पशुओं को प्राकृतिक आपदा कोष से पशुपालकों को मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। पशुपालकों को मुआवजे के लिए क्षेत्र के पशु चिकित्सक का प्रमाणपत्र लेकर मुआवजे के लिए दावा संबंधित एसडीएम के पास ही करना होगा। 

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लंपी रोग फैलने के बाद पशुपालन विभाग के कर्मियों की छुट्टियां रद्द

जिला शिमला में लंपी त्वचा रोग से 29 पशुओं की मौत के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने जिले में तैनात कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए हैं। उपनिदेशक डॉ. स्वर्ण सिंह सेन ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण समय पर पूरा करने के लिए छुट्टियां रद्द की गई हैं। जिले में पशुपालन विभाग के 427 पशु औषधालय हैं। इनमें 66 बड़े अस्पताल हैं, जबकि बाकी डिस्पेंसरियां हैं।

अभी तक जिले के अधिकांश पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया है। विभाग का दावा है कि 22 अगस्त तक 18,000 टीकों की नए खेप पशुपालन केंद्रों पर पहुंच जाएगी। शहर के नजदीक भट्ठाकुफर पशुपालन केंद्र में तैनात कर्मी एक महीने की छुट्टी पर है। इस पशुपालन केंद्र में पहले ही कर्मचारियों की कमी है। इससे टीकाकरण का काम प्रभावित हो रहा है। पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि एक केंद्र के कर्मी के छुट्टी पर जाने का मामला ध्यान में आया है।

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