Lok Sabha Election: लोकसभा चुनाव के लिए सुगबुगाहट तेज, मंडी सीट से जयराम ठाकुर भी हो सकते हैं प्रत्याशी
लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश में सुगबुगाहट बढ़ गई है। राजनीतिक दलों ने संभावित प्रत्याशियों पर अभी से माथापच्ची शुरू कर दी है। सियासी विशेषज्ञ भी इस संबंध में पहेलियां बूझ रहे हैं कि कौन किस संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी होगा।
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साल भर में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश में सुगबुगाहट बढ़ गई है। राजनीतिक दलों ने संभावित प्रत्याशियों पर अभी से माथापच्ची शुरू कर दी है। सियासी विशेषज्ञ भी इस संबंध में पहेलियां बूझ रहे हैं कि कौन किस संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी होगा। इन जानकारों के अनुसार भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व तो इस विकल्प पर भी सोच रहा है कि मंडी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी प्रत्याशी हो सकते हैं। अगर इस सीट को वापस मोदी की झोली में डालना है तो इससे अच्छा प्रयोग नहीं हो सकता है। जयराम के जीतने और दिल्ली में भाजपा के फिर से सत्ता में आने के बाद एक और केंद्रीय मंत्री का भी हिमाचल को तोहफा मिल सकता है।
हिमाचल प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव भाजपा की एक और परीक्षा की तरह होंगे। विधानसभा के बाद नगर निगम शिमला के चुनाव हारने पर अब लोकसभा में अपनी साख बचाए रखना भाजपा के लिए चुनौती होगी। यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चारों सीटों कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर और शिमला में जीत हासिल की थी, मगर मंडी लोकसभा सीट से सांसद रहे रामस्वरूप शर्मा की असामयिक मृत्यु के बाद यहा उपचुनाव हुए। उपचुनाव से ठीक पहले हिमाचल कांग्रेस के कद्दावर नेता वीरभद्र सिंह का भी देहांत हो गया। यहां से उनकी पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया तो वीरभद्र सिंह की सहानुभूति लहर में उन्होंने यह सीट जीत ली। तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद उनके प्रभुत्व पर वीरभद्र लहर भारी पड़ी।
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हालांकि विधानसभा चुनाव में भाजपा टिकटों के आवंटन में गलतियों, अंतर्कलह, एंटी इनकमबेंसी जैसी वजहों से हिमाचल में हार गई, मगर इसके बावजूद जयराम ठाकुर अपने गृह संसदीय क्षेत्र मंडी की कुल 17 में से 12 विधानसभा सीटों को भाजपा की झोली में डालने में कामयाब हुए। ऐसे में जयराम ठाकुर का अपने गृह संसदीय क्षेत्र में रसूख साफ नजर आया। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए भाजपा के हितैषी चाहेंगे कि लोकसभा चुनाव में भी यहां भाजपा के पक्ष ऐसे ही नतीजे आए। मोदी सरकार की नौ साल की अवधि पूरा होने पर हो रहे भाजपा के कार्यक्रम भी आगामी लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट के तहत शुरू हुए हैं। इसके लिए अभी से बिसात बिछनी शुरू हो गई है। कांग्रेस की सियासत के जानकार यहां से पार्टी प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह या सुक्खू कैबिनेट में मंत्री उनके बेटे विक्रमादित्य को ही सबसे जानदार संभावित प्रत्याशी मान रहे हैं। उधर, मंडी से लोकसभा के लिए भाजपा प्रत्याशी कौन होंगे। इस बारे में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस पर समय आने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
तीन अन्य सीटों को बचाए रखना भी भाजपा के लिए चुनौती
प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव में जहां भाजपा को मंडी में फिर से परचम लहराने के लिए मेहनत करनी हाेगी, वहीं तीन अन्य सीटों कांगड़ा, शिमला और हमीरपुर को अपने पाले में बचाए रखना भी बड़ी चुनौती होगा। हमीरपुर से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ही स्वाभाविक रूप से अगला चुनाव लड़ेंगे। चूंकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इसी संसदीय क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा का भी यह गृह संसदीय क्षेत्र है। इस सीट से अनुराग के अलावा नड्डा की ही नहीं, बल्कि सुक्खू और मुकेश की भी प्रतिष्ठा जुड़ी होगी। भाजपा के सांसद कांगड़ा से किशन कपूर और शिमला से सुरेश कश्यप हैं। इन दोनों संसदीय क्षेत्रों से विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को अच्छी बढ़त मिली है तो यहां भी भाजपा को बहुत मेहनत करनी होगी। चर्चा तो यहां तक है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश की चार में दो सीटों पर प्रत्याशियों को बदलने पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, आगामी महीनों में प्रत्याशियों के बारे में पूरा फीडबैक लिया जाएगा।