जब नेहरू ने कार्यकर्ता भेजकर हरिराम चौधरी को बुलाया था दिल्ली, दिया था टिकट
आज की राजनीति के दौर में टिकट के लिए नेता दिल्ली के चक्कर काटते हैं। एक दौर ऐसा भी था, जब किसी को दिल्ली बुलाया और टिकट दिया गया। बात वर्ष 1955 की है। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को धर्मशाला भेजा और अधिवक्ता हरिराम चौधरी को दिल्ली आने का न्योता दिया।
चौधरी हरिराम दिल्ली गए और नेहरू ने उन्हें धर्मशाला हलके से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट थमा दिया। तब धर्मशाला हलका पंजाब में आता था। उसके बाद हरिराम चौधरी ने लगातार धर्मशाला हलके का प्रतिनिधित्व किया।
वे सरदार प्रताप सिंह कैरों और हिमाचल की डॉ. यशवंत सिंह परमार सरकार में मंत्री रहने वाले विधायक रहे हैं। मंत्री रहते उनके पास परिवहन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कार्यभार रहा। चौधरी हरिराम का जन्म पहली मार्च, 1899 को वर्तमान ऊना जिले के पंजाबर गांव में हुआ।
प्रारंभिक पढ़ाई खड्ड से करने के बाद उन्होंने लाहौर से वकालत की। 1925 में होशियारपुर कोर्ट में वकालत शुरू की। उन्होंने महात्मा गांधी, लाला लाजपतराय और सर छोटूराम जैसे महान पुरुषों के साथ भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया। 1952 में राजनीति में प्रवेश किया। 16 जून, 1979 को उनका देहांत हुआ।