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ब्रिक्स सम्मेलन: नए बीमा तंत्र और अनाज बाजार की पहल, पुतिन ने रखे दो प्रस्ताव; वैश्विक दक्षिण पर क्या कहा?
Sun, 13 Sep 2026 04:04 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 13 Sep 2026 04:04 PM IST
सार
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के बीच नया बीमा तंत्र और अनाज बाजार बनाने की पहल का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि रूस के पास पूंजी, श्रम और प्रौद्योगिकी के आवागमन के स्वतंत्र रास्ते हैं और वह बाहरी दबाव के बावजूद काम कर सकता है।
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को ब्रिक्स देशों के बीच नया बीमा तंत्र और अनाज बाजार से जुड़ी साझा पहल शुरू करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों को व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और वैश्विक दक्षिण के देशों को बेहतर वैश्विक शासन व्यवस्था के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में ये प्रस्ताव ऐसे समय रखे हैं, जब यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंध जारी हैं। इन प्रतिबंधों ने रूसी कच्चे तेल के निर्यात को भी प्रभावित किया है।
बीमा तंत्र और अनाज बाजार से होगा क्या फायदा?
पुतिन ने कहा, 'हमारे पास पूंजी, श्रम और प्रौद्योगिकी के आवागमन के लिए स्वतंत्र रास्ते हैं। वास्तव में, हम बाहरी दबाव की परवाह किए बिना काम कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमारे सामने कुछ आशाजनक पहल हैं, जैसे बीमा तंत्र और अनाज बाजार बनाना। ये रूस के प्रस्ताव हैं और हम अन्य सभी सदस्य देशों को इनका उपयोग करने के लिए आमंत्रित करते हैं।' हालांकि, उन्होंने इन प्रस्तावों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
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पुतिन ने नए विकास बैंक के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बैंक 140 अरब अमेरिकी डॉलर की परियोजनाओं पर काम कर रहा है। नया विकास बैंक ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक है। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे वैश्विक चुनौतियां सामने आती रहती हैं, हमें उनके लक्षणों के साथ-साथ मूल कारणों से निपटने के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।'
ग्लोबल साउथ को लेकर क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने कहा, 'वैश्विक दक्षिण के देशों को बेहतर वैश्विक शासन व्यवस्था को आगे बढ़ाने और पारंपरिक तथा गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।' रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है और यह समूह वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्वतंत्र रास्ता तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'आज की बैठक में व्यापक भागीदारी इस बात की पुष्टि करती है कि ब्रिक्स में अंतरराष्ट्रीय रुचि लगातार बढ़ रही है। दुनिया भर में कई लोग हमारे मूल्यों और आदर्शों को आकर्षक मानते हैं। इनमें स्वतंत्र रास्ता अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रमुख प्रावधानों के मार्गदर्शन में समस्याओं को सामूहिक रूप से हल करने की इच्छा शामिल है।'
ब्रिक्स को लेकर रूसी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
पुतिन ने कहा कि यह प्रारूप पूर्ण सदस्य देशों और साझेदार देशों के साथ-साथ ब्रिक्स के साथ काम करने के इच्छुक अन्य देशों और बहुपक्षीय संगठनों के बीच सीधे और स्पष्ट संवाद का रास्ता खोलता है। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को इसमें शामिल किया गया। 2025 में इंडोनेशिया भी समूह का सदस्य बना।
पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने। ब्रिक्स दुनिया के 11 प्रमुख उभरते देशों को एक साथ लाने वाला प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है। ये देश दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी, करीब 40 फीसदी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद और करीब 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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पुतिन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में ये प्रस्ताव ऐसे समय रखे हैं, जब यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंध जारी हैं। इन प्रतिबंधों ने रूसी कच्चे तेल के निर्यात को भी प्रभावित किया है।
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बीमा तंत्र और अनाज बाजार से होगा क्या फायदा?
पुतिन ने कहा, 'हमारे पास पूंजी, श्रम और प्रौद्योगिकी के आवागमन के लिए स्वतंत्र रास्ते हैं। वास्तव में, हम बाहरी दबाव की परवाह किए बिना काम कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमारे सामने कुछ आशाजनक पहल हैं, जैसे बीमा तंत्र और अनाज बाजार बनाना। ये रूस के प्रस्ताव हैं और हम अन्य सभी सदस्य देशों को इनका उपयोग करने के लिए आमंत्रित करते हैं।' हालांकि, उन्होंने इन प्रस्तावों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
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पुतिन ने नए विकास बैंक के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बैंक 140 अरब अमेरिकी डॉलर की परियोजनाओं पर काम कर रहा है। नया विकास बैंक ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक है। उन्होंने कहा, 'जैसे-जैसे वैश्विक चुनौतियां सामने आती रहती हैं, हमें उनके लक्षणों के साथ-साथ मूल कारणों से निपटने के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।'
ग्लोबल साउथ को लेकर क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने कहा, 'वैश्विक दक्षिण के देशों को बेहतर वैश्विक शासन व्यवस्था को आगे बढ़ाने और पारंपरिक तथा गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।' रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स का वैश्विक प्रभाव बढ़ रहा है और यह समूह वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्वतंत्र रास्ता तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'आज की बैठक में व्यापक भागीदारी इस बात की पुष्टि करती है कि ब्रिक्स में अंतरराष्ट्रीय रुचि लगातार बढ़ रही है। दुनिया भर में कई लोग हमारे मूल्यों और आदर्शों को आकर्षक मानते हैं। इनमें स्वतंत्र रास्ता अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रमुख प्रावधानों के मार्गदर्शन में समस्याओं को सामूहिक रूप से हल करने की इच्छा शामिल है।'
ब्रिक्स को लेकर रूसी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
पुतिन ने कहा कि यह प्रारूप पूर्ण सदस्य देशों और साझेदार देशों के साथ-साथ ब्रिक्स के साथ काम करने के इच्छुक अन्य देशों और बहुपक्षीय संगठनों के बीच सीधे और स्पष्ट संवाद का रास्ता खोलता है। ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को इसमें शामिल किया गया। 2025 में इंडोनेशिया भी समूह का सदस्य बना।
पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने। ब्रिक्स दुनिया के 11 प्रमुख उभरते देशों को एक साथ लाने वाला प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है। ये देश दुनिया की करीब 49.5 फीसदी आबादी, करीब 40 फीसदी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद और करीब 26 फीसदी वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।