निजी वाहन वालों के ही बनेंगे ई-पास, अन्य को पोर्टल पर करना होगा आवेदन
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करीब दो लाख हिमाचलियों को लाने के लिए जयराम सरकार ने एक्शन प्लान का खाका बना लिया है। जिन लोगों के पास निजी वाहन हैं, उन्हें सरकार ई-पास जारी करेगी। हिमाचल से दूसरे राज्यों में जाने को भी निजी वाहन वाले लोगों पर यह व्यवस्था लागू होगी। जिनके पास अपना साधन नहीं है, उन्हें सरकार के पोर्टल covid19epass.hp.gov.in पर जानकारी साझा करनी होगी।
जानकारी दर्ज होने के बाद सरकारी नुमाइंदा उनसे संपर्क कर लाने और ले जाने की व्यवस्था की जानकारी देगा। प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने पोर्टल तैयार किया है। शनिवार से इस पर काम शुरू होगा। पोर्टल पर रिकार्ड दर्ज होने के बाद विभिन्न राज्यों के लिए तैनात नोडल अधिकारी संबंधित राज्यों की सरकारों से संवाद शुरू करेंगे।
राज्य नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने बताया कि आसपास के राज्यों से लोगों को लाने और भेजने के लिए बस और दूरवर्ती राज्यों के लिए ट्रेन के विकल्प पर मंथन किया जाएगा। फिलहाल राजस्थान सरकार से संपर्क किया है। सरकार वहां से करीब आठ सौ हिमाचलियों को लाने और प्रदेश में फंसे करीब एक हजार राजस्थान के लोगों को भेजने की कवायद में जुटी है।
दूसरे राज्यों से तालमेल को नोडल अफसर तैनात
सरकार ने दस आईएएस अधिकारियों को नोडल अफसर नियुक्त किया है। प्रमुख सचिव राजस्व ओंकार शर्मा राज्य नोडल अधिकारी पहले ही लगाए जा चुके हैं। एमडी एचआरटीसी यूनुस राज्य संयुक्त नोडल अधिकारी लगाए हैं। प्रमुख सचिव सूचना रजनीश को हरियाणा, दिल्ली और एनसीटी, सचिव वित्त अक्षय सूद तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, सचिव आयुर्वेद जीके श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़, निदेशक ग्रामीण विकास ललित जैन को पंजाब, चंडीगढ़ व मोहाली ट्राई सिटी, विशेष सचिव ऊर्जा हेमराज बैरवा को राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश, वरिष्ठ एचएएस अधिकारी मनमोहन शर्मा को असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय व निदेशक प्रारंभिक शिक्षा रोहित जम्वाल को पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम के लिए नोडल अधिकारी लगाया गया है।