{"_id":"5ee0e5758ebc3e42ee1042f5","slug":"kullu-devi-devta-temples-soils-wiil-be-used-in-ayodhya-mandir-nirman","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में लगेगी कुल्लू के देवालयों की मिट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण में लगेगी कुल्लू के देवालयों की मिट्टी
Wed, 10 Jun 2020 07:22 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 10 Jun 2020 07:22 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के लिए कुल्लू जिले के देवालयों की मिट्टी और माता बूढ़ी नागिन की सरयोलसर झील का पवित्र जल इस्तेमाल होगा। बुधवार को जिला भाजपा अध्यक्ष एवं भलाण स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी भीमसेन शर्मा ने ढालपुर में जिले के विभिन्न मंदिरों की मिट्टी एवं जल विश्व हिंदू परिषद के विभागाध्यक्ष अध्यक्ष हरदीप आचार्य को सौंपा। भीमसेन शर्मा ने बताया कि नग्गर गांव से सटे प्राचीन एवं ऐतिहासिक ठावा मंदिर के प्रांगण से पवित्र जल एवं मिट्टी विश्व हिंदू परिषद को सौंपी है।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण का यह मंदिर करीब 8000 साल पुराना है। विहिप के विभाग अध्यक्ष हरदीप आचार्य ने बताया कि कुल्लू के रघुनाथ मंदिर, बिजली महादेव, खुडीजल देवता, खोखन के आदि ब्रह्मा मंदिर, मनाली के मनु मंदिर, वशिष्ठ मंदिर, हिडिंबा मंदिर,माता गायत्री मंदिर, शरबरी माता मंदिर, नग्गर के जगती पट्ट, हरिपुर के माधोराय मंदिर, नग्गर के बाला त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, मणिकर्ण के शिव मंदिर एवं राम मंदिर, दियार के त्रियुगी नारायण मंदिर, थरास के मारकंडा ऋषि, बंजार के शृंगा ऋषि मंदिर, अनंत बालूनाग, बुंगडू महादेव, बड़ा छमाहूं कोटला, लक्ष्मी नारायण, महामाई गाड़ादुर्गा, कश्यप नारायण, लक्ष्मी नारायण मंदिर सराज, सरयोलसर झील के पवित्र जल एवं मिट्टी को अयोध्या भेजा जा रहा है।
विज्ञापन