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हिमाचल के शक्तिपीठों में सिर्फ दर्शन की छूट, कीर्तन और जागरण पर रोक, आदेश जारी
Mon, 12 Apr 2021 10:33 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ज्वालामुखी/चिंतपूर्णी/नयनादेवी
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ज्वालामुखी/चिंतपूर्णी/नयनादेवी
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 12 Apr 2021 10:33 PM IST
सार
- कोरोना के बीच नवरात्र पर मंदिरों में भीड़ की आशंका को देखते हुए लिया फैसला
- सरकार ने स्कूलों को लेकर भी साफ की स्थिति
- बस, रेल व हवाई जहाज से आने वालों को भी निगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह
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मां शूलिनी मंदिर में कपड़ाें से ढकीं घंटियां।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रदेश में भले ही कई पाबंदियां लगा दी गई हों, लेकिन मंगलवार से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रों में हिमाचल प्रदेश के मंदिर और शक्तिपीठ खुले रहेंगे। हालांकि, सरकार ने धार्मिक स्थलों या आसपास किसी भी तरह के कीर्तन, जागरण या जगराते पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। धार्मिक स्थलों से दूर ऐसे कार्यक्रम करने हैं तो उसके लिए मास्क, सैनिटाइजर व दो गज की दूरी के नियम के अलावा जिला प्रशासन से मंजूरी व कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करना होगा।
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इसमें भी बंद क्षेत्र में अधिकतम पचास लोगों और खुले स्थल पर अधिकतम 200 लोगों की ही मौजूदगी हो सकेगी। वहीं, शूलिनी समेत कई मंदिरों में घंटी बजाने पर रोक रहेगी। कन्या पूजन और मुंडन संस्कार, मौलियां बांधने की भी इजाजत नहीं होगी। नवरात्र के लिए मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। मंगलवार को पहले नवरात्र पर हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। ऐसे में सुरक्षा और सैनिटाइजेशन के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
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कहां क्या होगी व्यवस्था
ज्वालाजी
श्रद्धालुओं को पर्ची सिस्टम से दर्शन करवाए जाएंगे। शक्तिपीठ के कपाट सुबह 6:00 बजे खुलेंगे और रात 10:00 बजे तक दर्शन करवाए जाएंगे। न तो हवन-यज्ञ होंगे, न प्रसाद ले जाने और वितरित करने की इजाजत होगी। श्रद्धालुओं को एलईडी स्क्रीन पर आरती दिखाई जाएगी।
चामुंडा देवी
चामुंडा नंदीकेश्वर धाम में श्रद्धालु सुबह 5:00 बजे से एसओपी के तहत मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंस बनाकर दर्शन कर सकेंगे। घंटी बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। लंगरों पर भी रोक रहेगी।
बज्रेश्वरी देवी
बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट सुबह 5:00 बजे खुल जाएंगे। श्रद्धालु मंदिर के गर्भ गृह में जाकर माता के दर्शन कर सकेंगे और घंटी भी बजा सकेंगे।
चिंतपूर्णी
चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह 5:00 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक माता को भोग लगाने के लिए मंदिर बंद रहेगा। रात 10:00 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
श्री नयनादेवी
मंदिर के कपाट तड़के 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुले रहेंगे। अगर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है तो मंदिर के कपाट तीन घंटे ही बंद रहेंगे।
श्रद्धालुओं को पर्ची सिस्टम से दर्शन करवाए जाएंगे। शक्तिपीठ के कपाट सुबह 6:00 बजे खुलेंगे और रात 10:00 बजे तक दर्शन करवाए जाएंगे। न तो हवन-यज्ञ होंगे, न प्रसाद ले जाने और वितरित करने की इजाजत होगी। श्रद्धालुओं को एलईडी स्क्रीन पर आरती दिखाई जाएगी।
चामुंडा देवी
चामुंडा नंदीकेश्वर धाम में श्रद्धालु सुबह 5:00 बजे से एसओपी के तहत मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंस बनाकर दर्शन कर सकेंगे। घंटी बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। लंगरों पर भी रोक रहेगी।
बज्रेश्वरी देवी
बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट सुबह 5:00 बजे खुल जाएंगे। श्रद्धालु मंदिर के गर्भ गृह में जाकर माता के दर्शन कर सकेंगे और घंटी भी बजा सकेंगे।
चिंतपूर्णी
चिंतपूर्णी मंदिर में सुबह 5:00 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक माता को भोग लगाने के लिए मंदिर बंद रहेगा। रात 10:00 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
श्री नयनादेवी
मंदिर के कपाट तड़के 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुले रहेंगे। अगर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा होती है तो मंदिर के कपाट तीन घंटे ही बंद रहेंगे।