JEE Mains Exam: शेड्यूल जारी, जेईई मेन्स सेशन वन की परीक्षाएं 24 से 31 जनवरी तक
प्रदेशभर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जा रही ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए एचपीयू के यूआईटी को भी सेंटर बनाया गया है। जनवरी माह में राजधानी शिमला में बर्फ गिरने की पूरी संभावना रहती है।
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कोरोना काल के बाद जनवरी माह में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन्स की पहले सेशन की परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 24 जनवरी से 31 जनवरी तक चलेंगी। प्रदेशभर में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जा रही ऑनलाइन परीक्षाओं के लिए एचपीयू के यूआईटी को भी सेंटर बनाया गया है। जनवरी माह में राजधानी शिमला में बर्फ गिरने की पूरी संभावना रहती है। ऐसे में इन परीक्षाओं में एचपीयू यूआईटी सेंटर में अपीयर होने वाले सैकड़ों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। 2019 में भी परीक्षा के दिन बर्फ गिरने के कारण कुछ परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। कोरोना के चलते बीते सत्र में जेईई मेन्स की परीक्षाएं देरी से हुई थीं।
इसलिए शिमला के परीक्षार्थियों को कोई परेशानी पेश नहीं आई। 2023 में जनवरी माह में समय से होने वाली परीक्षाओं को देने वाले छात्रों को डर सता रहा है कि बर्फ अधिक गिरी तो परीक्षा कैसे दे पाएंगे। नेशनल टेस्टिंग ऐजेंसी एनटीए की ओर से जारी किए गए जेईई मेन्स की परीक्षा के शेड्यूल के अनुसार 24 , 25, 27, 28, 29, 30 और 31 जनवरी को पहले सेशन की परीक्षाएं होनी हैं। इसके लिए यूआईटी में परीक्षा की तैयारियां भी शुरू की जा रही है। इन परीक्षाओं के लिए तय की गई तिथियों को यदि बर्फ गिरी और सड़कें बंद हुईं तो परीक्षार्थियों का समय से परीक्षा केंद्र में पहुंचना मुश्किल हो सकता है। यह समस्या सिर्फ शिमला की रहेगी। अन्य परीक्षा केंद्रों में ऐसी समस्या पेश आने की संभावना कम रहेगी।
शिमला के मौसम को ध्यान में रखा जाए
ऐसे ही एक अभिभावक ने कहा कि परीक्षाओं का शेड्यूल तय करते हुए शिमला के मौसम को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। यदि पहले सेशन की परीक्षा में छात्र अपीयर होने से चूक गए, तो उनके पास सिर्फ अप्रैल माह में ही परीक्षा देने का एक मौका बचेगा। एनटीए जेईई मेन्स जनवरी और अप्रैल के दो सेशन में आयोजित करता है। इन दो में अधिकतम अंकों के आधार पर ही जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए पात्रता बनती है।