{"_id":"610e95608ebc3e789c6470df","slug":"jee-main-result-2021-18-hours-of-hard-work-made-varnika-mongra-himachal-pradesh-topper-in-jee-main","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांगड़ा: वर्णिका मोंगरा को 18 घंटे की कड़ी मेहनत ने बनाया जेईई मेन में हिमाचल टॉपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांगड़ा: वर्णिका मोंगरा को 18 घंटे की कड़ी मेहनत ने बनाया जेईई मेन में हिमाचल टॉपर
Sat, 07 Aug 2021 07:45 PM IST
Krishan Singh
राजकुमार चौधरी, अमर उजाला, गगल (कांगड़ा)
राजकुमार चौधरी, अमर उजाला, गगल (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 07 Aug 2021 07:45 PM IST
सार
वर्णिका ने यह मुकाम अपने अधिशाषी अभियंता पिता राजेश मोंगरा से
प्रेरणा लेकर हासिल किया है। वर्णिका मोंगरा ने अमर उजाला से बताया कि जेईई मेन परीक्षा में हिमाचल प्रदेश में टॉप पर आने
पर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
विज्ञापन
वर्णिका मोंगरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र कांगड़ा के इच्छी गांव की रहने वाली वर्णिका मोंगरा ने जेईई मेन में हिमाचल प्रदेश में टॉप कर जिला सहित पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वर्णिका को 18 घंटे की कड़ी मेहनत ने प्रदेश भर में जेईई मेन का टॉपर बनाया है। वर्णिका ने यह मुकाम अपने अधिशाषी अभियंता पिता राजेश मोंगरा से प्रेरणा लेकर हासिल किया है। वर्णिका मोंगरा ने अमर उजाला से बताया कि जेईई मेन परीक्षा में हिमाचल प्रदेश में टॉप पर आने पर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वह रोजाना 18 घंटे की कड़ी मेहनत करती थीं। उन्होंने अपनी सफलता का राज किताबों और दादा के मार्गदर्शन को बताया, जिन्होंने उन्हें अच्छे भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। वर्णिका मोंगरा के दादा सत्य प्रकाश मोंगरा सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। वर्णिका जल शक्ति विभाग पधर में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात अपने पिता राजेश मोंगरा को अपना रोल मॉडल मानती हैं।
विज्ञापन
भविष्य में वह एक सफल और योग्य प्रशासनिक अधिकारी बनकर अपने प्रदेश की सेवा करना चाहती हैं। वह अन्य छात्रों को बस यही मंत्र देना चाहती है कि उन्हें अपने लक्ष्य को सामने
विज्ञापन
रखकर दिन-रात एकजुट होकर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद के कथन को हमेशा याद रखना चाहिए कि राइज, अवेक, एंड स्टॉप नॉट टिल द गोल इज रिचर्ड। वर्णिका की पढ़ाई माउंट व्यू पब्लिक स्कूल इच्छी से हुई है। वर्णिका की इस उपलब्धि पर माता अमृता, दादा सत्यप्रकाश, दादी आशा, चाचा दिनेश मोंगरा व चाची नवीन मोंगरा ने खुशी व्यक्त करते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की है।