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हिमाचल: जनमंच में नहीं उठा सकेंगे सरकारी नौकरी, पानी और स्वास्थ्य सुविधा की मांग
Thu, 18 Nov 2021 10:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, सोलन
अमर उजाला ब्यूरो, सोलन
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 18 Nov 2021 10:36 PM IST
सार
उपायुक्त के निर्देशों में विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है कि जनमंच में स्थानांतरण, सरकारी नौकरी की मांग, न्यायालय के मामले, पानी, स्वास्थ्य केंद्र आदि के लिए नई योजनाओं की मांग जो मानदंडों पर आधारित हैं और जिसमें बजटीय आश्रय की आवश्यकता है और लोकार्पण से संबंधित मामले नहीं उठाए जा सकते हैं।
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जनमंच को लेकर जारी सूचना।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आम जनता की समस्याएं मौके पर निपटाने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम जनमंच के औचित्य पर ही सवाल उठना शुरू हो गए हैं। उपायुक्त सोलन की ओर से 21 नवंबर को परवाणू में प्रस्तावित जनमंच को लेकर जारी एक सूचना के पोस्टर पर बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इसे वायरल कर सरकार के कार्यक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य ने सूचना को अपने सोशल मीडिया पेज पर वायरल कर लिखा कि यह कैसा जनमंच है, जहां लोग अपनी आवाज नहीं उठा सकते।
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उपायुक्त के निर्देशों में विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है कि जनमंच में स्थानांतरण, सरकारी नौकरी की मांग, न्यायालय के मामले, पानी, स्वास्थ्य केंद्र आदि के लिए नई योजनाओं की मांग जो मानदंडों पर आधारित हैं और जिसमें बजटीय आश्रय की आवश्यकता है और लोकार्पण से संबंधित मामले नहीं उठाए जा सकते हैं।
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सवाल उठ रहा है कि अगर कोई जरूरतमंद और असहाय व्यक्ति न तो नौकरी की मांग कर सकता है और न ही पानी-स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को लेकर समस्या रख सकता है तो फिर जनमंच कार्यक्रम का आखिर क्या औचित्य है। इस संदेश के वायरल होने से सोशल मीडिया पर सरकार की जमकर फजीहत हो रही है।
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गौर हो कि कांग्रेस नेता पहले ही जनमंच को झंड मंच कहकर इस पर सवाल उठा चुके हैं। उधर, जिला सोलन कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार का कहना है कि जनमंच कार्यक्रम केवल मंत्रियों की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं। जब आम आदमी इसमें कोई मांग रख ही नहीं सकता तो जनता को बेवकूफ क्यों बनाया जा रहा है।
सरकार के निर्देशों पर प्रकाशित की सूचना : उपायुक्त
उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी का कहना है कि यह सूचना जनमंच को लेकर जारी सरकार के दिशा-निर्देश के मुताबिक ही प्रकाशित की गई है। जनमंच का मूल उद्देश्य समस्या का निवारण है न कि इसमें किसी तरह मांग की जा सकती है। लोग अपनी बात रख सकते हैं। कोई भी मसला इसके अनुरूप आता है तो उसे सरकार तक पहुंचाया जाएगा।