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अब निजी स्कूलों के बच्चे भी खाएंगे आयरन की गोली
Sat, 18 Jan 2020 12:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
हरीश चंद्र, अमर उजाला, धर्मशाला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 18 Jan 2020 12:02 PM IST
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आयरन की गोली
- फोटो : सोशल मीडिया
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अब निजी स्कूलों के नौनिहालों को भी हर सप्ताह आयरन की गोली खिलाई जाएगी। केंद्र सरकार ने सरकारी स्कूलों की तर्ज पर निजी स्कूलों को भी एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत 19 साल तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक दिन आयरन की गोली खिलाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल के निजी स्कूलों में भी इस अभियान के तहत छात्रों को आयरन की गोली खिलाने की योजना बनाई है।
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इसके लिए निजी स्कूलों को खंड चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से आयरन की दवाइयों की खेप भेजना शुरू कर दी है। जल्द सूबे के सभी निजी स्कूलों में भी नौनिहालों को दवाई खिलाने का अभियान शुरू किया जाएगा। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि अब निजी स्कूलों के छात्रों को भी आयरन की दवाई देने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए दवाई की खेप भी आ गई है।
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देश के 63.2 फीसदी बच्चों में खून की कमी
देश में 52.4 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि 6 माह से 59 माह की उम्र वाले 63.2 फीसदी बच्चों में खून की कमी पाई गई है। खून की कमी के चलते बच्चों का शारीरिक विकास सही तरीके से नहीं हो पाता। वह शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर रहते हैं, साथ ही कई बीमारियों के भी शिकार हो जाते हैं। खून की कमी से गर्भवती महिलाओं व बच्चों को राहत दिलाने के लिए मार्च महीने तक एनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जाएगा।
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