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ट्रायल सफल: आपातकालीन स्थिति में अब ड्रोन के जरिये पहुंचेगा खून

Wed, 08 Dec 2021 05:55 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Wed, 08 Dec 2021 05:55 PM IST
सार

 हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्वास्थ्य विभाग ने इसका सफल ट्रायल नेरचौक मेडिकल कॉलेज में किया। ड्रोन की उड़ान मेडिकल कॉलेज से सात किमी दूर से हुई। पहले पांच से सात किमी तक छोटी उड़ानों की दूरी तय करने वाले ट्रायल होंगे।

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In emergency now blood will reach through drone, Trial successful in mandi himachal
कॉलेज में रक्त लेकर पहुंचा ड्रोन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दवा, सैंपल के साथ अब आपातकालीन स्थिति में रक्त भी ड्रोन की मदद से पहुंचाया जाएगा। बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्वास्थ्य विभाग ने इसका सफल ट्रायल नेरचौक मेडिकल कॉलेज में किया। ड्रोन की उड़ान मेडिकल कॉलेज से सात किमी दूर से हुई। पहले पांच से सात किमी तक छोटी उड़ानों की दूरी तय करने वाले ट्रायल होंगे। बाद में लंबी दूरी के ट्रायल किए जाएंगे। शनिवार को दवा और टेस्ट के सैंपल को लेकर ड्रोन की उड़ान की थी। तकनीकी खामी की वजह से ट्रायल सफल नहीं हो सका। इसके बाद मंगलवार को ट्रायल सफल रहा। 

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दुर्गम क्षेत्रों में अस्पतालों को ड्रोन कनेक्टिविटी से जोड़ने की स्वास्थ्य विभाग की योजना है, जिससे आपात स्थिति में ड्रोन से दवाएं और मेडिकल टेस्ट लाए या भेजे जा सकें। ऐसे समय में अगर खून कहीं दूर से लाना पड़े तो बहुत देर हो जाती है, मगर ड्रोन के जरिये घंटों का काम चंद मिनटों में हो सकता है और कई जानें बचाई जा सकती हैं। मेडिकल कॉलेज नेरचौक के एमएस डॉ. पन्ना लाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक में करीब 7 किलोमीटर दूर से ड्रोन के जरिये खून पहुंचाया गया है। ट्रायल सफल रहा है और भविष्य में कारगर साबित हो सकता है।

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जिले के विभिन्न स्थानों पर हो चुका है सफल ट्रायल

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहे इस प्रोजेक्ट का एक चरण सफल हो चुका है और दूसरा चरण जल्द शुरू होगा। पहले चरण में जिले के दुर्गम क्षेत्रों में ट्रायल किए गए हैं। इनमें गाढ़ागुसैणी, बाढू, बरोट जैसे क्षेत्रों में ट्रायल करवाए गए हैं। इनमें ड्रोन के जरिये सैंपल, दवाइयां ड्रोन से जरूरतमंद तक पहुंचाई गई हैं।

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बर्फबारी वाले और दुर्गम क्षेत्रों के लिए साबित होगा वरदान

ड्रोन का सबसे अधिक लाभ बर्फबारी बाले इलाकों या दुर्गम स्थानों को होगा, जहां पहुंचना कठिन होता है। बर्फबारी के दौरान अगर आपातकालीन स्थिति हो जाए तो जान पर बन आती है। ड्रोन से मरीज को दवाइयां, सैंपल, खून चंद मिनटों में पहुंचाया जा सकता है। 

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