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Himachal News: आईआईटी मंडी के शोधकर्ता ने बनाई 5जी चिप, ऊर्जा की कम होगी खपत

Fri, 17 Jan 2025 11:02 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी Published by: Krishan Singh Updated Fri, 17 Jan 2025 11:02 AM IST
सार

 हिमाचल प्रदेश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ता डॉ. अनुज वर्मा ने कम ऊर्जा के साथ क्लीयर बात करने के लिए 5जी के लिए हार्डवेयर (चिप) बनाया है।

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IIT Mandi researcher created 5G chip, energy consumption will be reduced
आईआईटी मंडी के शोधकर्ता ने बनाई 5जी चिप - फोटो : संवाद

विस्तार

 देश में 5जी का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से गांव की तरफ 5जी नेटवर्क की मांग बढ़ती जा रही है। हर मोबाइल सेवा प्रदाता इस ओर पांव प्रसार रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ता डॉ. अनुज वर्मा ने कम ऊर्जा के साथ क्लीयर बात करने के लिए 5जी के लिए हार्डवेयर (चिप) बनाया है। इस चिप को टेस्ट भी कर लिया है। यह 5जी नेटवर्क क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम होगा।

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 देश में 5जी का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से गांव की तरफ 5जी नेटवर्क की मांग बढ़ती जा रही है। हर मोबाइल सेवा प्रदाता इस ओर पांव प्रसार रहा है। इस बीच हिमाचल प्रदेश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ता डॉ. अनुज वर्मा ने कम ऊर्जा के साथ क्लीयर बात करने के लिए 5जी के लिए हार्डवेयर (चिप) बनाया है। इस चिप को टेस्ट भी कर लिया है। यह 5जी नेटवर्क क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम होगा।

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डॉ. अनुज वर्मा ने 'एफिशिएंट वीएलएसआई-आर्किटेक्चर्स एंड एएसआईसी-फेब्रिकेशन ऑफ चैनल डिकोडर फॉर कंटेम्परेरी वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम' विषय पर अपना धीसिस पूरा किया। यह शोध 5जी न्यू रेडियो मानक के क्षेत्र में महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचार करते हुए प्रेक्टिकल एप्लीकेशन को दर्शाता है। यह शोध अगली पीढ़ी की वायरलेस संचार प्रणालियों के लिए ऊर्जा कुशल और रीकॉन्फ़िगर करने योग्य आर्किटेक्चर को आगे बढ़ाने में सहायक होगा।

मूलतः यूपी के मुज्जफरनगर के रहने वाले डॉ. अनुज वर्मा ने बताया कि इस थीसिस को लिखने और हार्डवेयर बनाने उन्हें आईआईटी मंडी में छह साल की मेहनत लगी। शुरुआत से उनका फोकस 5जी वायरलेस और हार्डवेयर बनाने पर रहा। थीसिस में पांच अलग अलग तरह के डिजाइन हैं। खास है कि यह एलडीपीसी व पोलर कोडर में रिफांफिगर हो सकते हैं जोकि 5जी स्टैंडर्ड में मुख्य भूमिका निभाते हैं। ये शोध कई प्रतिष्ठित प्रत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुका है। डॉ. अनुज वर्मा ने कहा कि यह पुरस्कार अपने पर्यवेक्षक डॉ. राहुल श्रेष्ठ को समर्पित करना चाहता हूं। जिनके मार्गदर्शन और सलाह ने उनकी शोध यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

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