फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   IIT Mandi Research that helps to know neurodegeneration

आईआईटी मंडी रिसर्च: दिमाग की बीमारी और कैंसर के कारणों को समझना होगा आसान

Wed, 14 Sep 2022 01:15 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 14 Sep 2022 01:15 PM IST
सार

आईआईटी मंडी के शोध की मदद से भारत में तेजी से बढ़ रही दिमाग की बीमारी (न्यूरो डिजनरेशन), प्रतिरोधक क्षमता की कमी और कैंसर के कारणों को समझना आसान होगा।

विज्ञापन
IIT Mandi Research that helps to know neurodegeneration
आईआईटी मंडी के वैज्ञानिक। - फोटो : संवाद

विस्तार

आईआईटी मंडी ने शोधकर्ताओं ने मिलीमीटर के हजारवें हिस्से के आकार की लाइसोसोम कोशिका की उपसंरचना के आंतरिक ढांचे के अध्ययन का सूक्ष्म तरीका खोज निकाला है। इस शोध की मदद से भारत में तेजी से बढ़ रही दिमाग की बीमारी (न्यूरो डिजनरेशन), प्रतिरोधक क्षमता की कमी और कैंसर के कारणों को समझना आसान होगा और बेहतर दवा अनुसंधान के मार्ग भी प्रशस्त होंगे। 

विज्ञापन


अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी के सहयोग से इस शोध को पूरा किया गया है। इसके परिणाम प्रतिष्ठित पत्रिका अमेरिकन केमिकल सोसाइटी मैटीरियल लेटर्स में प्रकाशित किया गया है। शोध के सह लेखक आईआईटी मंडी के स्कूल आफ बेसिक साइंसेज के प्रो. छायन के नंदी के अनुसार लाइसोसोम आकार में माइक्रोन या मिलीमीटर के हजारवें हिस्से के बराबर होता है।
विज्ञापन


लाइसोसोम के काम नहीं करने के कारण न्यूरोडिजेनेरेटिव डिसार्डर, प्रतिरोधी प्रणाली संबंधी डिसऑर्डर, कैंसर सहित विविध प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं। इस कोशिका के अध्ययन के लिए  शोधकर्ताओं मैटल नेनोकलस्टर तकनीक का उपयोग किया है। इस प्रक्रिया को स्ट्रक्चर्ड इल्यूमिनेशन माइक्रोस्कोपी कहते हैं। इस कोशिका को समझने के लिए रंगों के बजाय सोने और चांदी जैसे खास तरह के धातुओं के कलस्टर का प्रयोग किया गया है, जो मानव के बाल की चौड़ाई के एक लाख गुणा छोटा है। इससे कोशिका के स्ट्रक्चर को आसानी से समझा गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बेकार कोशिकाओं को नष्ट करते है लाइमोसोम
शोधार्थी आदित्य यादव के अनुसार कि लाइसोसोम जीवित कोशिका का एक महत्वपूर्ण तत्व है। यह विभिन्न कोशिका प्रक्रियाओं में शामिल होता है तथा माइटोकोंड्रिया जैसे कोशिका तत्वों के साथ संवाद करता है। लाइसोसोम में बैक्टिरिया नष्ट करने की क्षमता है। अगर किसी कोशिका के नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है, तब लाइसोसोम उसे स्वयं नष्ट करने में मदद करता है।


लाइसोसोम के काम नहीं करने के कारण न्यूरोडिजेनेरेटिव डिसऑर्डर, प्रतिरोधी प्रणाली संबंधी डिसऑर्डर, कैंसर सहित विविध प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते हैं। इसलिए लाइसोसोम के ढांचे और कामकाज के विश्लेषण और उस पर नजर रखने से रोगों का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलती है और इन रोगों के लिए नई दवाओं के विकास करने में मार्गदर्शन मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed