यात्री बेबस: प्रधानमंत्री की रैली में भेज दी बसें, 280 रूट प्रभावित, 28 दिसंबर तक परेशानी झेलने को रहें तैयार
एचआरटीसी शिमला मंडल प्रधानमंत्री की रैली के लिए 157 बसें भेज रहा है, जिनमें से अधिकतर शनिवार को रूटों से हटा दी गई हैं। प्रधानमंत्री की रैली से आम यात्री बे‘बस’ हो गए हैं। सरकार के चार साल पूरे होने पर मंडी में होने वाले जलसे के लिए तीन दिन पहले ही बसों को रूटों से हटाकर रैली में भीड़ जुटाने के लिए लगा दिया गया है।
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27 दिसंबर को प्रधानमंत्री की मंडी रैली के लिए एचआरटीसी ने तीन दिन पहले शनिवार को ही बसें भेज दीं। इससे हजारों यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई। दिनभर लोग टुटीकंडी आईएसबीटी, लक्कड़ बाजार बस स्टैंड और ढली में बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन बसें नहीं आईं। देर शाम तक लोग बसों के इंतजार में ठंड में ठिठुरते रहे। रैली में जाने वाली बसें 28 दिसंबर को लौटेंगी और 29 दिसंबर से बसों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी। शनिवार को शिमला जिले में एचआरटीसी ने करीब 280 लोकल और लंबे रूटों पर बसें नहीं चलाईं। अगले तीन दिन भी बस सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
एचआरटीसी शिमला मंडल प्रधानमंत्री की रैली के लिए 157 बसें भेज रहा है, जिनमें से अधिकतर शनिवार को रूटों से हटा दी गई हैं। प्रधानमंत्री की रैली से आम यात्री बे‘बस’ हो गए हैं। सरकार के चार साल पूरे होने पर मंडी में होने वाले जलसे के लिए तीन दिन पहले ही बसों को रूटों से हटाकर रैली में भीड़ जुटाने के लिए लगा दिया गया है। शनिवार को शिमला डिवीजन के सभी डिपुओं से बसें रैली में भीड़ जुटाने के लिए भेज दी गईं, जिसके कारण सैकड़ों रूट फेल हो गए।
शिमला से ठियोग, रामपुर, रोहडू, चौपाल, करसोग, चायल सहित अन्य क्षेत्रों के लिए दोपहर बाद बसें रवाना नहीं हुईं, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। लक्कड़ बाजार बस स्टैंड में बसों के इंतजार में देर शाम तक लोगों का तांता लगा रहा। बसें ही नहीं, क्रिसमस के चलते लोगों को टैक्सियां भी नहीं मिल पाईं। शहर के होटल पैक होने के कारण कमरे न मिलने से लोगों को देर रात तक ठंड में ठिठुरना पड़ा। एचआरटीसी बसें न चलने से निजी बसों में भारी भीड़ रही। ढली से छराबड़ा होते हुए कुफरी तक ट्रैफिक जाम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
एचआरटीसी और परिवहन विभाग को भीड़ जुटाने का जिम्मा
सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित जलसे में भीड़ जुटाने का जिम्मा एचआरटीसी और परिवहन विभाग को सौंपा गया है। एचआरटीसी ने भी रैली से तीन दिन पहले ही विभागीय आदेश जारी कर बसों और चालक-परिचालकों की रैली के लिए ड्यूटियां लगा दी हैं। बाकायदा क्षेत्रीय प्रबंधकों की ओर से लिखित आदेश जारी किए गए हैं। चालक-परिचालकों के मोबाइल नंबर के साथ सूचियां तैयार कर बसों को भीड़ जुटाने के लिए रवाना किया जा रहा है।
रैली में जाएंगी शिमला मंडल की 157 बसें : दलजीत सिंह
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक शिमला दलजीत सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री की मंडी रैली के लिए बसों का जिम्मा एचआरटीसी को सौंपा गया है। निजी बस आपरेटर बसें नहीं दे रहे हैं। शिमला मंडल की 157 बसें रैली के लिए लोगों को परिवहन सुविधाएं देंगी। कुछ बसें शनिवार को रवाना कर दी गई हैं, बाकी सभी बसें रविवार को रवाना हो जाएंगी। मंगलवार को बसें लौटेंगी।
रैली के लिए भेजी बसों का विवरण
शिमला लोकल डिपो - 47
शिमला ग्रामीण डिपो - 36
तारादेवी डिपो - 40
रामपुर डिपो - 84
रोहड़ू डिपो - 25
(रैली की बसों की पहली सूची में दर्ज आंकड़े, संख्या में बढ़ोतरी संभावित)