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HPSEB: हिमाचल बिजली बोर्ड से संचार और उत्पादन विंग नहीं होंगे अलग, ओपीएस भी होगी बहाल
Sun, 13 Aug 2023 11:52 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 13 Aug 2023 11:52 AM IST
सार
बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना जल्द बहाल होगी। शनिवार को बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह आश्वासन दिया।
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हिमाचल बिजली बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड से संचार और उत्पादन विंग अलग नहीं होंगे। बोर्ड में पुरानी पेंशन योजना जल्द बहाल होगी। शनिवार को बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड में 4,000 नई भर्तियां भी जल्द होंगी।
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उन्होंने पावर कारपोरेशन को सौंपी चंबा जिला की चार बिजली परियोजनाएं वापस बिजली बोर्ड को देने की हामी भी भरी। बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन इन तीन मांगों को लेकर बीते कई माह से संघर्षरत हैं। 10 अगस्त को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में कर्मचारी यूनियनों के संयुक्त मोर्चे ने प्रदर्शन कर विरोध भी जताया।
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शनिवार को यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से ओक ओवर में मुलाकात की। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा, पूर्व अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा व महामंत्री हीरालाल वर्मा सहित कुछ अन्य पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे। यूनियन जिन मांगों को लेकर आंदोलनरत है, उन सभी मांगों पर विस्तार से मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की गई।
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मुख्यमंत्री ने यूनियन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों को शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल हो जाएगी। बिजली बोर्ड को संगठित रूप में ही रखा जाएगा। इसके संचार और उत्पादन विंगों को इससे अलग नहीं किया जाएगा।
यूनियन के सुझावों को मानते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा जिला की चार छोटी जल विद्युत परियोजनाएं का निर्माण कार्य बिजली बोर्ड ही करेगा। इस बारे में ऊर्जा सचिव से फाइल भी मांग ली गई है। इन परियोजनाओं को दो माह पूर्व पावर कॉरपोरेशन को कार्यान्वयन के लिए दे दिया गया था।