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गुटबाजी: आश्रय का रोजगार यात्रा की कैंपेन कमेटी से इस्तीफा, विक्रमादित्य पर साधा निशाना
Sun, 11 Sep 2022 06:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 11 Sep 2022 06:53 PM IST
सार
आश्रय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रोजगार यात्रा की कैंपेन कमेटी की सदस्यता से इस्तीफा भेजा है। इसमें उन्होंने विक्रमादित्य सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारी मन से इस्तीफा दे रहा हूं।
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आश्रय शर्मा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मंडी के भाजपा विधायक अनिल शर्मा की कांग्रेस में घर वापसी की अटकलों के बीच उनके बेटे एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आश्रय शर्मा ने युवा रोजगार यात्रा से किनारा कर लिया है। सोमवार को मंडी के करसोग में शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह रोजगार यात्रा का आगाज करने वाले थे। लेकिन इससे एक दिन पहले रविवार को आश्रय ने शिमला के नेताओं का मंडी में हस्तक्षेप करने का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।
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आश्रय ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को रोजगार यात्रा की कैंपेन कमेटी की सदस्यता से इस्तीफा भेजा है। इसमें उन्होंने विक्रमादित्य सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि भारी मन से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने लिखा है कि शिमला के नेताओं का हस्तक्षेप मंडी में बढ़ता जा रहा है। करसोग समेत जिले में हो रही युवा रोजगार यात्रा के लिए मुझसे किसी तरह की चर्चा नहीं की गई। अपनी मर्जी से कार्यक्रम रख दिए गए। करसोग में हो रही यात्रा को लेकर निमंत्रण तक नहीं दिया गया। अगर पार्टी सेवाएं नहीं लेना चाहती है तो पिछलग्गू बनकर क्या फायदा। इसलिए मैंने रोजगार यात्रा की कैंपेन कमेटी से इस्तीफा दिया है।
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उल्लेखनीय है कि टिकट आवंटन से ठीक पहले आश्रय के इस कदम से सियासी भूचाल खड़ा हो गया है। विधानसभा चुनावों के नजदीक वीरभद्र और सुखराम परिवार एक बार फिर खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। वहीं पार्टी की गुटबाजी भी सामने आ गई है। प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंदर सुक्खू कैंपेन कमेटी के चेयरमैन हैं। विक्रमादित्य सिंह पार्टी प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के पुत्र हैं।
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इसलिए त्यागपत्र तक पहुंची बात
कांग्रेस प्रदेश भर में युवा बेरोजगार यात्रा निकाल रही है। मंडी जिला में यात्रा 17 अगस्त से शुरू होनी थी। आश्रय शर्मा व पार्टी के अन्य नेताओं ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली थी। विक्रमादित्य सिंह ने सिरमौर से आश्रय शर्मा को फोन कर यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया था। विक्रमादित्य सिंह ने तर्क दिया था कि वह यात्रा के लिए सिरमौर जिला में व्यस्त हैं। यहां के बाद दोनों मंडी जिले में इकट्ठे यात्रा निकालेंगे। आश्रय शर्मा ने विक्रमादित्य सिंह के इस आग्रह को स्वीकार कर लिया था। अब विक्रमादित्य सिंह ने आश्रय शर्मा को विश्वास में लिए बिना 12 सितंबर से मंडी जिला में यात्रा शुरू करने का एलान कर दिया।
कांग्रेस के लिए मुश्किल, कहीं पिता-पुत्र भाजपा के साथ न चलें
हिमाचल की राजनीति में वीरभद्र और सुखराम का छत्तीस का आंकड़ा रहा है। दोनों परिवारों में टीस है। हालात यह हैं कि प्रतिभा सिंह के सांसद व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनने से पंडित सुखराम परिवार खुद बेचैन है। आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा अगर कांग्रेस में वापसी करते हैं तो विधानसभा चुनाव में उन्हें भितरघात का सामना करना पड़ सकता है। टिकट के लिए पहले पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर से जंग लड़नी होगी। संगठन भी बिखरा हुआ है। भाजपा इससे अधिक सुरक्षित है। अनिल शर्मा हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ बंद कमरे में गुफ्तगू कर चुके हैं।
चर्चा है कि अनिल शर्मा कांग्रेस में घर वापसी न करते हुए कहीं भाजपा में ही तो नहीं रहना चाह रहे। आश्रय शर्मा भी कहीं पिता के साथ न हों लें, क्योंकि पिता-पुत्र एक साथ एक पार्टी में रहने की बात कर चुके हैं। ऐसे में दोनों स्थिति में कांग्रेस के लिए राह आसान नहीं होगी। सुखराम परिवार का अच्छा खासा वोट बैंक है, जिसका नुकसान साथ न चलने वाली पार्टी को होगा।