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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HPBOSE: Schools in Himachal will not get any fee exemption, they will have to pay Rs 300 per student

HPBOSE: हिमाचल में स्कूलों को शुल्क में नहीं मिलेगी छूट, प्रति परीक्षार्थी देने होंगे 300 रुपये

Thu, 05 Sep 2024 11:08 AM IST
Krishan Singh प्रवीण प्रकाश कुमार, धर्मशाला
प्रवीण प्रकाश कुमार, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 05 Sep 2024 11:08 AM IST
सार

प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों की कम संख्या होने पर भी परीक्षा केंद्र सृजित करने या नवीनीकरण के लिए शुल्क में दी जाने वाली छूट खत्म कर दी है।

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HPBOSE: Schools in Himachal will not get any fee exemption, they will have to pay Rs 300 per student
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों की कम संख्या होने पर भी परीक्षा केंद्र सृजित करने या नवीनीकरण के लिए शुल्क में दी जाने वाली छूट खत्म कर दी है। शिक्षा बोर्ड संबंधित स्कूलों से अब प्रति परीक्षार्थी 300 रुपये शुल्क वसूल करेगा। तीन साल से विद्यार्थियों की कम संख्या पर परीक्षा केंद्र बनाने या बहाल रखने की एवज में स्कूलों से बोर्ड प्रति विद्यार्थी 150 रुपये शुल्क वसूल करता आ रहा है। अब 2024-25 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में ऐसे स्कूलों से 300 रुपये प्रति छात्र शुल्क वसूल किया जाएगा। वहीं, शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या वाले स्कूलों से परीक्षा केंद्र स्थापित करने पर सालाना तीन हजार रुपये शुल्क ही वसूल करेगा। 

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बोर्ड की ओर से शुल्क में छूट समाप्त करने के निर्णय से प्रदेश के करीब 16 हजार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों पर बोझ पड़ेगा। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा केंद्र स्थापित करने और नवीनीकरण के लिए सरकार या विभाग से अलग से कोई ग्रांट नहीं मिलती है। लिहाजा, परीक्षा केंद्र स्थापित करने का सारा खर्चा संबंधित स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। एक समस्या यह भी है कि अगर संबंधित स्कूल 300 रुपये प्रति विद्यार्थी परीक्षा केंद्र शुल्क देने में असमर्थ होंगे तो छात्रों को लंबी दूरी तय कर दूसरे स्कूलों में स्थापित केंद्र में परीक्षा देनी होगी। एक अनुमान के मुताबिक सरकारी स्कूलों के पास करीब 5 करोड़ रुपये स्कूल शिक्षा बोर्ड के फंसे हुए हैं। सरकारी स्कूलों ने परीक्षा केंद्र स्थापित करने की एवज में देय शुल्क लंबे समय से नहीं दिया है।

कोविड-19 के समय सरकार के आदेश पर कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को राहत प्रदान की गई थी। उनसे 150 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से शुल्क वसूल किया जाता था। अब जबकि कोरोनाकाल खत्म हो चुका है तो बोर्ड आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अब पूरा शुल्क यानी 300 रुपये प्रति छात्र वसूल करेगा। -डॉ. विशाल शर्मा, सचिव, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला

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