{"_id":"62bc47b74ab1a40bfc545c71","slug":"hpbose-10th-result-for-the-first-time-in-five-years-result-crosses-87-percent","type":"story","status":"publish","title_hn":"HPBOSE 10th Result: पांच साल में पहली बार 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87 फीसदी के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HPBOSE 10th Result: पांच साल में पहली बार 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87 फीसदी के पार
Wed, 29 Jun 2022 06:16 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 29 Jun 2022 06:16 PM IST
सार
इससे पहले स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम 68 फीसदी तक ही रहे थे। जबकि यह पहला मौका है जब 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 फीसदी रहा है।
विज्ञापन
HPBOSE 10th Result 2022
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से शैक्षणिक सत्र 2021-22 का घोषित किया गया परीक्षा परिणाम वर्ष 2019-20 के मुकाबले 19.39 प्रतिशत अधिक रहा है। जबकि वर्ष 2020-21 में सरकार के निर्देशों पर सभी विद्यार्थियों को पास घोषित किया गया था। परीक्षा परिणाम पिछले पांच साल में सबसे बेहतर रहा है। इससे पहले स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित किए गए परीक्षा परिणाम 68 फीसदी तक ही रहे थे। जबकि यह पहला मौका है जब 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 87.5 फीसदी रहा है।
विज्ञापन
किस वर्ष में क्या रही स्थिति
शैक्षणिक सत्र 2017-18
शैक्षणिक सत्र 2017-18 में 1,09,678 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 68,946 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 24,420 विद्यार्थियों को निराशा हाथ लगी थी। वहीं 15,214 विद्यार्थी कंपार्टमेंट रहे थे, जबकि परीक्षा परिणाम 63.39 फीसदी रहा था।
विज्ञापन
शैक्षणिक सत्र 2018-19
शैक्षणिक सत्र 2018-19 में 1,11,980 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 67,319 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 36,892 विद्यार्थियों को फेल घोषित किया गया था। वहीं इस दौरान 6395 विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम कंपार्टमेंट रहा था, जबकि परीक्षा परिणाम 60.79 फीसदी रहा था।
विज्ञापन
शैक्षणिक सत्र 2019-20
शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 1,04,323 परीक्षार्थियों ने दसवीं कक्षा की परीक्षा दी थी, जिनमें से 70,571 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 27,197 विद्यार्थियों को निराशा हाथ लगी थी। इसके अलावा 5617 परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम कंपार्टमेंट रहा था, जबकि परीक्षा परिणाम 68.11 फीसदी रहा था।
शैक्षणिक सत्र 2020-21
शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कोविड का दौर चरम पर था। जिसके चलते दसवीं कक्षा के सभी विषयों की परीक्षाएं नहीं हो पाई थीं। इस कारण 10वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को प्रमोट कर उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया था।