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पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन निर्माण से ज्यादा खर्च भूमि अधिग्रहण पर
Fri, 13 Mar 2020 04:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 13 Mar 2020 04:45 PM IST
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पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन निर्माण से ज्यादा खर्च भूमि अधिग्रहण पर आ रहा है। फोरलेन बनाने पर 421 करोड़ का अनुमानित खर्च है। भू अधिग्रहण का खर्च 650 करोड़ है। मुंबई से भी ज्यादा सर्किल रेट होने पर केंद्र ने धनराशि देने से इंकार किया है। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधायक लखविंद्र राणा और परमजीत सिंह पम्मी के सवाल पर दी।
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सीएम ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को जोड़ने के लिए फोरलेन जरूरी है, लेकिन सर्किल रेट अधिक होने से समस्या खड़ी हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ के हिमाचल अनुभाग बद्दी-नालागढ़ राजमार्ग जो 17.37 किमी है, के निर्माण को लगभग 38.95 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होना है। इसमें 25.69 हेक्टेयर निजी एवं 13.26 हेक्टेयर वन भूमि है। 17.23 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर लिया है।
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इसमें 13.02 हेक्टेयर निजी व 4.21 हेक्टेयर वन भूमि है। सड़क के निर्माण को केंद्रीय मंत्रालय से स्वीकृति अभी नहीं मिली है। सर्किल रेट संशोधित करने को केंद्र सरकार योजना बना रही है। बताया कि मढ़ावाला एनएच 105 पर जंक्शन हरियाणा के साथ बरोटीवाला-पट्टा-कुठाड़-अर्की-शालाघाट (कुल लंबाई 79.40 किमी) सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र ने दी है। डीपीआर बनाने का काम प्र्रगति पर है। रिपोर्ट केंद्र को भेजी गई है। केंद्र से सैद्धांतिक तौर पर मंजूर 69 एनएच में यह एनएच भी है। 55 एनएच की डीपीआर तैयार हो चुकी है।
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