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उद्योगों को गोदाम उपलब्ध कराएगा हिमफेड: गणेश
Wed, 13 Nov 2019 05:34 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 13 Nov 2019 05:34 PM IST
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फाइल फोटो
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हिमफेड अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि इन्वेस्टर्स मीट में एमओयू हस्ताक्षर होने से कृषि और बागवानी के क्षेत्र में निवेश होगा। हिमफेड उद्योगपतियों को गोदाम के लिए जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है। अगर किसी उद्योगपति को जमीन की जरूरत होगी तो हिमफेड अपनी खाली जमीन लीज पर देने को भी तैयार है। अध्यक्ष गणेश दत्त ने बुधवार को यहां प्रेस सम्मेलन में कहा कि वर्तमान में हिमफेड के पास करीब 82 स्थानों में बड़े गोदाम उपलब्ध हैं।
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इनका पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कुछ गोदाम किराये पर दिए गए थे परंतु अब ये खाली हो गए हैं। अगर कोई उद्योग लगता है तो इन गोदामों का प्रयोग किया जा सकता है। किसानों और बागवानों के लिए मूलभूत ढांचा भी तैयार किया जाएगा। हिमफेड विपणन के क्षेत्र में भी कार्य कर रहा है। अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सरकार के निर्धारित 8 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बागवानों को सेब का समर्थन मूल्य मिला है। सी श्रेणी के सेब को इस योजना के अंतर्गत खरीदा जाता है।
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सेब एकत्रीकरण केंद्रों से यह सेब परवाणू मंडी में सरकारी एजेंसियों के सामने नीलाम किया जाता है। हिमफेड ने इस वर्ष रिकार्ड 27968.67 मीट्रिक टन सेब की खरीद की है। सेब की औसतन बिक्री 2.95 रुपये प्रति किलो आई है। सरकार ने 3.50 रु पये प्रति किलो बिक्री का अनुमान लगाया है। इस वर्ष मंडी मध्यस्थता योजना की विशेषता यह रही कि हमारे 117 एकत्रीकरण केंद्रों में कहीं पर भी किसान को एक भी बोरी सेब सड़ने की सूचना नहीं मिली है।
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