हिमाचल: आसमान से निहार सकेंगे बर्फ से ढका रोहतांग दर्रा, 430 करोड़ से बनेगा रोपवे
रोपवे बनने से पर्यटक 20 मिनट में रोहतांग पहुंचकर हसीन वादियों का दीदार कर सकेंगे। सड़क के रास्ते मनाली से रोहतांग दर्रा की दूरी 51 किमी है।
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13,050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा में बर्फ का दीदार सैलानी अब रोपवे से कर सकेंगे। मनाली के पलचान से बन रहे रोपवे का निर्माण शुरू हो गया है। 2027 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। इस पर 430 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत तीन चरणों में बनने वाला यह रोपवे देश का सबसे ऊंची जगह पर बनने वाला लंबा रोपवे होगा। रोपवे कोठी से रोहतांग दर्रा तक बनेगा। इसकी लंबाई 8.1 किलोमीटर होगी। इसके बनने से पर्यटक 20 मिनट में रोहतांग पहुंचकर हसीन वादियों का दीदार कर सकेंगे। सड़क के रास्ते मनाली से रोहतांग दर्रा की दूरी 51 किमी है।
इस सफर का पूरा करने में सैलानियों को तीन घंटे का लंबा और थकाऊ सफर करना पड़ता है। ऐसे में सैलानी रोपवे के जरिए सर्दी में भी बर्फ के फाहों के बीच भी रोहतांग की सैर कर पाएंगे। कोठी से रोहतांग को बनने वाले 8.1 किलोमीटर लंबे रोपवे से सैलानी आसानी से रोहतांग का दीदार कर पाएंगे। इसके जरिए भारी संख्या में सैलानी रोहतांग जा सकेंगे। वहीं पर्यटकों को रोहतांग के सैर सपाटे के लिए परमिट लेने से भी राहत मिलेगी। अभी तक एनजीटी के आदेश पर रोहतांग दर्रा के लिए रोजाना 1200 परमिट के वाहन ही जाते हैं।
रोहतांग रोपवे का निर्माण शुरू हो गया है। 2027 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रोपवे बनने से सैलानी चंद मिनटों में आसानी से रोहतांग दर्रा पहुंचेेंगे।-अमिताभ शर्मा, प्रोजेक्ट निदेशक
कोठी से रोहतांग दर्रा तक रोपवे पर पीपीपी मोड पर 430 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। शुरूआती दौर पर सुरक्षा दीवारों का काम चल रहा है।-सुनयना शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू
मढ़ी, रोहतांग दर्रे पर हेलीपैड बनेंगे
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस रोपवे में मढ़ी तथा रोहतांग दर्रे पर हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। मनाली से रोहतांग दर्रा के बीच जो भी पर्यटन स्थल आते हैं उन्हें रोपवे के जरिए ही कवर किया जाएगा। रोपवे से पर्यटन को भी पंख लगेंगे।