मौसम: हिमाचल के 10 जिलों में पांच दिन भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन का भी खतरा
पूरे प्रदेश में 13 सितंबर तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। आम जनता और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल स्तर बढ़ सकता है।
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हिमाचल प्रदेश में पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय 10 जिलों में सात से 11 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। ये अलर्ट ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिले के लिए जारी किया गया है। पूरे प्रदेश में 13 सितंबर तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। आम जनता और पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि जल स्तर बढ़ सकता है। मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.2, भुंतर 30.4, बिलासपुर 29.5, कांगड़ा 29.5, चंबा 28.3, सुंदरनगर 27.5, हमीरपुर 28.3, सोलन 28.5, धर्मशाला 28.6, केलांग 21.3, कल्पा 23.6, शिमला 22.6 और डलहौजी में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मंगलवार को प्रदेश में मौसम मिलाजुला बना रहा। डलहौजी में 18, मंडी 11, धर्मशाला छह, सुंदरनगर तीन मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। राजधानी शिमला में दिनभर बादल छाए रहे। शहर में बूंदाबांदी हुई। अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने के साथ हल्की धूप खिली। उधर, सोमवार रात को नयनादेवी में 125, हमीरपुर 72, झंडूता 30, नाहन 29, जोगिंद्रनगर 26, मंडी 22, भौरंज 18, घुमारवीं सात और पालमपुर-पांवटा साहिब में छह मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
ज्यूरी में नेशनल हाईवे 33 घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए खुला
वहीं, शिमला जिले के रामपुर बुशहर में ज्यूरी के पास बाधित नेशनल हाईवे-5 पर करीब 33 घंटे बाद छोटे वाहनों के लिए बहाल हो गया है। मंगलवार को दूसरे दिन भी पहाड़ी से बार-बार चट्टानें गिर रही थीं। इससे प्रशासन और एनएच प्राधिकरण को मार्ग बहाल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एनएच पर यातायात ठप रहने से किन्नौर जिले के बागवानों और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बागवानों का करोड़ों रुपये का सेब मार्ग अवरुद्ध होने से फंस गया है। बीते सोमवार को ज्यूरी से करीब दो किलोमीटर आगे एनएच-5 पर पहाड़ी से चट्टानें गिर गईं। एनएच बाधित होने से किन्नौर जिले का संपर्क देश-दुनिया से कट गया। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और एनएच प्राधिकरण यातायात बहाल करने में जुटे रहे। मंगलवार शाम करीब छह बजे मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया।
एसडीएम रामपुर यादविंद्र पॉल और एनएच के अधिकारी सोमवार रात नौ बजे तक मार्ग की बहाली में जुटे रहे। मंगलवार सुबह छह बजे से प्रशासन और एनएच के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दिनभर मार्ग बहाली में जुटे रहे। एनएच को बहाल करने के लिए तीन पोकलेन, एक लोडर, एक जेसीबी और एक कंप्रेशर मशीन लगाई गई है। एक्सईएन एनएच केएल सुमन, एसडीओ सुनील गुप्ता, जेई चंद्र शास्त्री और प्रदीप पटियाल, प्रशासन और पुलिस बाधित मार्ग करने में जुटे हैं। उधर, एसडीएम रामपुर यादविंद्र पॉल ने कहा कि मंगलवार शाम को छह बजे के आसपास मार्ग को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया है। ऊपरी पहाड़ी से बार बार चट्टानें गिरने के कारण मार्ग को बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। फिर भी मार्ग को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।