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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Weather Rain Forecast Today: Landslide Damages 3 Houses in Rampur, Roads Closed

Himachal Rain: कुल्लू-रामपुर में बादल फटने से तबाही, कई मकान क्षतिग्रस्त, राज्य में 842 सड़कें बंद

Sat, 30 Aug 2025 07:04 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 30 Aug 2025 07:04 PM IST
सार

Himachal Weather Update Today :प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही जारी है। दो जगह बादल फटने से घरों,सड़कों को भारी नुकसान हुआ है।

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Himachal Weather Rain Forecast Today: Landslide Damages 3 Houses in Rampur, Roads Closed
हिमाचल में बारिश से तबाही। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल में आसमान से आफत बरस रही है। प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन से तबाही जारी है। रामपुर बुशहर में बाशल की चोटी पर बादल फटने से बधाल और सराहन क्षेत्र में घरों और बगीचों का काफी नुकसान हुआ है। बधाल पंचायत के धराली खड्ड और सराहन पंचायत के रेसवाल घराट के आसपास पानी और मलबा आने से एक घर, खोखे और सेब बगीचों के बहने से काफी नुकसान हुआ है। बधाल की धराली खड्ड में बाढ़ आने से रात को नेशनल हाईवे के कलवर्ट बंद होने से सारा पानी और मलबा घरों के पास से बहने लगा।  भारी बारिश के कारण नाथपा में करीब 190 मीटर एनएच पांच पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।  इसके अलावा निगुलसरी के 26 सेक्टर में करीब 80 मीटर एनएच पांच ध्वस्त हो गया है।  ऐसे में जिला मुख्यालय रिकांगपिओ और शिमला की ओर संपर्क कट गया है। हजारों लोगों को आवाजाही के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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728 बिजली ट्रांसफार्मर बंद
 भूस्खलन से राज्य में शनिवार शाम 6:00 बजे तक तीन नेशनल हाईवे सहित 842 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 728 बिजली ट्रांसफार्मर और 456 पेयजल योजनाएं भी ठप हैं। 12/20 घाटी में भारी बारिश ने कहर बरपाया। भूस्खलन से पांच घरों को भारी क्षति पहुंची है। वहीं पिता-पुत्र मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण थला गांव के दो रिहायशी मकान चपेट में आए हैं। देवठी पंचायत के शील परोग गांव में तीन मकान भूस्खलन की चपेट में आए हैं। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। 

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हिडिब में फटा बादल, एक मकान, दो मंदिर, 6 घराट सहित वाहन क्षतिग्रस्त
कुल्लू जिले बंजार उपमंडल के हिड़ब में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। नाले में मलबा और पानी आने के कारण क्षेत्र में एक मकान, दो मंदिर, चार पशुशालाएं, छह घराट क्षतिग्रस्त हो गए। एक वाहन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि दो अन्य मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में हिड़ब व शरची नाले में बादल फटने की घटना पेश आई है। जबकि इसके अलावा बंजार उपमंडल हुरला नाला में भी बाढ़ आ गई। हुरला नाला में बाढ़ आने से झुणी सड़क को नुकसान पहुंचा है, सड़क का काफी हिस्सा नाले में आए पानी और मलबे में बह गया है।
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सीएम ने बाढ़-आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के फतेहपुर और इंदौरा के साथ जिला चंबा के भरमौर और मणिमहेश सहित अन्य बाढ़ एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री चंबा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। सीएम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की भी समीक्षा करेंगे।

हाईवे पर मंडी-कुल्लू के बीच खोती नाला में दरकी पहाड़ी
चंडीगढ़-मनाली  नेशनल हाईवे पर मंडी–कुल्लू के बीच हणोगी के नजदीक खोती नाला में पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने के कारण शनिवार सुबह सड़क बंद हो गई। इस दौरान पंडोह पुलिस की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा कारणों के चलते शुक्रवार रात को ही रात 8:00 बजे यातायात रोक दिया गया था। सुबह होते ही पंडोह पुलिस टीम ने ट्रैफिक बहाल किया। पुलिस की गाड़ी सबसे आगे थी और बाकी वाहन उसके पीछे चल रहे थे। इसी बीच अचानक पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया। हालात को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सभी वाहनों को सुरक्षित स्थान पर पीछे रोक दिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पंडोह पुलिस टीम के प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि सड़क को खोलने में अभी समय लग सकता है। यात्रियों को अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

नांडी पंचायत में बारिश से छह दुकानों में घुसा मलबा, बह गई कार
 गोहर उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नांडी में बीती रात को बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ। बारिश के कारण कटवांढ़ी नाले का जलस्तर बढ़ गया और इस कारण कट स्टोन की इकाई पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। प्रारंभिक तौर पर उद्योग का मालिक का 25 से 30 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। इसके अलावा छह दुकानों में भी पानी और मलबा घुसने से लाखों का नुकसान हो गया है। एक कार भी नाले के तेज बहाव में बह गई। ग्राम पंचायत नांडी के प्रधान फत्ता राम ने जानकारी देते हुए बताया कि रात करीब 10:00 बजे पंचायत में जोरदार बारिश शुरू हुई जिसके कारण कटवांढ़ी नाले में बाढ़ आ गई। नाले में इतना अधिक पानी पहले कभी नहीं देखा।

चार और मणिमहेश यात्रियों की मौत, रास्ते में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी
भारी बारिश-भूस्खलन के चलते चार और मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। चारों पंजाब के हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान 11 मणिमहेश यात्रियों की मौत हो चुकी है। चंबा से आगे पांच दिन से अलग-थलग पड़े भरमौर के इलाके में अभी भी पांच हजार मणिमहेश यात्री फंसे हैं। शुक्रवार को लगभग 3,500 श्रद्धालु करीब 45 किलोमीटर पैदल सफर कर चंबा पहुंचे हैं। चंबा से भरमौर के बीच 20 किलोमीटर तक एनएच का नामोनिशान नहीं है। भरमौर और हड़सर में अभी लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।  एसडीआरएफ  ने 29 अगस्त टीम ने गैधर क्षेत्र से आठ फंसे हुए यात्रियों को सफलतापूर्वक बचाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए वायुसेना का सहयोग लेने की बात कही। 

कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से 30 व 31 अगस्त के लिए कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 1 व 2 सितंबर के लिए येलो अलर्ट है। राज्य के कई भागों में 5 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। आज ऊना, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू व मंडी जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रविवार को चंबा, कांगड़ा व कुल्लू जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट है। बीती रात भटियात में 104.0, जोगिंद्रनगर 86.0, रामपुर 75.5, धर्मशाला 69.4, शिमला 62.0, नाहन 60.1, पालमपुर 60.0, मुरारी देवी 58.6, सराहन 45.5, गोहर 43.0, शिलारू 41.4, कांगड़ा 40.8, जोत 35.6, कोठी 28.0 व कुफरी में 26.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। शनिवार को कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और कुल्लू जिले में शिक्षण संस्थान बंंद रहे। छोटा शिमला-धोबीघाट सड़क पर बीती रात पेड़ गिर गया। 


 

भरमौर-पठानकोट हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन
भारी बारिश के चलते भरमौर-पठानकोट हाईवे लाहड़, केरू पहाड़, तुन्नूहट्टी  के समीप बंद है। हाईवे को बहाल किया जा रहा है।  इसके अलावा जिले में बनीखेत-खैरी मार्ग समेत 200 से अधिक सड़कें बंद पड़ी हुई हैं। मार्ग बंद होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। एनएच के सहायक अभियंता प्रमोद शर्मा ने बताया कि हाईवे पर भारी भूस्खलन होने से यह नाैबतआई है। हाईवे जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी भरमौर पहुंच चुके हैं, जबकि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी भरमौर के लिए रवाना हो गए हैं। 

बाढ़ प्रभावित मशियार पंचायत के लोगों को भेजी राशन किट
उपमंडल बंजार की बाढ़ प्रभावित पंचायत मशियार में जरूरतमंद लोगों के लिए राशन किट भेजी गई हैं। यहां करीब 80 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास राशन नहीं बचा है। ऐसे में एसडीएम बंजार ने पंचायत प्रधान के माध्यम से राशन की 80 किट पंचायत क्षेत्र के लिए भेजी है। इधर, गाड़ापारली पंचायत के शाक्टी-मरौड़ और शुगाड़ गांव के लोगों के लिए भी राशन भेजने की तैयारी चल रही है। एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने बताया कि वह बाढ़ प्रीभावित क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं।

एसडीआरएफ कांगड़ा कंपनी की टीमें जगह-जगह तैनात
 मणिमहेश यात्रा 2025 के मद्देनजर, एसडीआरएफ कांगड़ा कंपनी की तीन टीमों को शुरू में 15 अगस्त को यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। बाद में इन्हें दो टीमों में पुनर्गठित किया गया, जो विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। इनमें से 16 कर्मी धनछो व  18 हड़सर में तैनात हैं। एसडीआरएफ के अनुसार खराब मौसम के कारण यात्रा बंद होने तक 21 अभियान चलाए, जिनमें 15 यात्रियों को जीवित बचाया और पांच मृतकों के शवों को निकाला।  लगातार बारिश ने क्षेत्र को बाधित कर दिया और 25 अगस्त 2025 तक सड़क और संचार संपर्क टूट गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में ही फंस गए। एसडीआरएफ के निरंतर प्रयासों के कारण, 3,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वर्तमान में एक टीम धनछो में तैनात है। दूसरी टीम कुगती-गैधर परिक्रमा मार्ग पर कार्यरत है।

बागन में घरों के साथ भूमि में भी आईं बड़ी-बड़ी दरारें 
 कुल्लू जिला मुख्यालय के साथ लगती लगघाटी की ग्राम पंचायत शिल्लानाल का बागन गांव विस्थापन की कगार पर पहुंच गया है। गांव के घरों के साथ भूमि में भी बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि गांव की नींव ही खिसक गई है। वहीं, शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार कुल्लू गांव में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्या को सुना। वे कई घंटे गांव में ही रहे और स्थिति का जायजा हर स्थान पर लिया। हालांकि, बागन गांव को दो तरफा खतरा बना हुआ है। गांव में करीब 100 घर हैं और इनमें 35 घरों को पहाड़ी से चट्टानें गिरने और दरारें आने से खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने तहसीलदार कुल्लू से अपना दर्द साझा किया। तहसीलदार कुल्लू हरी सिंह यादव ने कहा कि गांव पूरा असुरक्षित है। घरों में दरारें आईं है और पहाड़ी से चट्टानें गिर रहीं हैं। कहा कि सड़क को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग को जेसीबी की जगह एलएनटी मशीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

मणिमहेश से आए यात्रियों ने सुनाई आपबीती, 50 किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय किया
लगभग 50 किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय कर शनिवार दोपहर करीब 2:20 राजा का तालाब पहुंचे मणिमहेश से आए यात्रियों ने आपबीती सुनाई। कहा कि लोगों का जगह-जगह सहयोग मिला। जगह-जगह भूस्खलन व बादल फटने से हुई तबाही का मंजर उन्होंने अपनी आंखों से देखा। यात्रियों ने कहा कि कठिन परिस्थितियों, पहाड़ों से होते हुए राख पहुंचे। वहां से होते हुए जब शुक्रवार को बनीखेत पहुंचे तो भूस्खलन से रास्ता बंद था। तब बाथरी में स्वास्थ्य विभाग की टीम का बेहतरीन सहयोग मिला।

शिमला-कालका हाईवे पर तारादेवी के पास दरकी पहाड़ी
शिमला-कालका हाईवे पर तारादेवी के पास शनिवार शाम को पहाड़ी दरक गई है। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा व पत्थर सड़क पर आ गया। वहीं  नौटी-थैला सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है। 

बाढ़ से ओल्ड मनाली में गिरा क्षतिग्रस्त हुआ मकान, बाहणु पुल से यातायात बहाल
 बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए नदी तट के मकान व दुकानें अब गिरने लगे हैं। शनिवार को ओल्ड मनाली में एक मकान अचानक गिर गया। बाढ़ के कारण इसकी बुनियाद खोखली हो गई थी। मनाली से कुल्लू तक ऐसे कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। ओल्ड मनाली में आज एक मकान गिरा, जबकि दो दिन पहले ही यहां पर पंचायत घर भी गिर गया था। वहीं बाहणु पुल से भी यातायात बहाल हो गया है।

पौंग बांध रिकॉर्ड स्तर पर, 968 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी दर्ज
 कांगड़ा जिले में स्थित पौंग बांध ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड कायम किया है। 2025 में अब तक बांध में 968 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी दर्ज हुआ है, जो 2023 की तुलना में 50 करोड़ क्यूबिक मीटर अधिक है। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 919 करोड़ क्यूबिक मीटर था। आमतौर पर जलवृद्धि चिंता का कारण बनती है, लेकिन इस बार स्थिति नियंत्रण में है।
प्रशासन और विभागों की बेहतर योजना और जल प्रबंधन से नुकसान बेहद कम रहा है। 2023 में अचानक आई बाढ़ से कई गांव जलमग्न हो गए थे। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने कहा कि प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से इस बार मानसून सीजन सुरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि इंदौरा के एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर और फतेहपुर के एसडीएम विश्रुत भारती की अगुवाई में टीमें लगातार बेहतर तालमेल से काम कर रही हैं।

कुल्लू में 506 में से 432 पेयजल योजनाएं आंशिक रूप से बहाल : मुकेश
प्राकृतिक आपदा के कारण कुल्लू जिला में 708 पेयजल योजनाओं में से 506 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जल शक्ति विभाग ने 506 योजनाओं में से 432 आंशिक रूप से बहाल कर दी हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को कुल्लू में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात योजनाओं को बहाल करने में जुटे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत प्रदान की जा सके। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बाकी बची 74 योजनाओं की बहाली का काम भी युद्धस्तर पर जारी है। 

17 मील में लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर सड़क तक पहुंचाई सेब की पेटियां, देखें वीडियो
पतलीकूहल के 17 मील के पास लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर सेब की पेटियों को सड़क तक निकाला गया। 17 मील में हरिपुर की जोड़ने वाले पुल के लिए बना एप्रोच रोड नदी में बह गया। ऐसे में वामतट के लोगों को संपर्क कट गया है। शनिवार को बागवानों ने यहां पर मानव श्रृंखना बनाकर सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए पुल की दूसरी तरफ लाया गया।

मानसून में अब तक 320 लोगों की माैत
 प्रदेश में जारी बारिश के बीच मानसून सीजन के दौरान अभी तक कुल 3,04,207.46 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में इस मानसून सीजन में 20 जून से 30 अगस्त तक 320 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 377 लोग घायल हुए हैं। 40 लोग अभी लापता हैं। इस दौरान 154 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। बादल फटने, भूस्खलन, बाढ़ से अब तक 4,508 कच्चे-पक्के घरों, दुकानों को क्षति हुई है। 3,646 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1,873 पालतु पशुओं की मौत हुई है।

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