Himachal VidhanSabha Session: मुकेश बोले- इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए बेरोजगारों को मिलेंगे 500 बस रूट परमिट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को चिह्नित बस रूटों पर इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए परमिट जारी करेगी। बेरोजगारों को 500 रूट दिए जाने हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी विधायक सुधीर शर्मा के प्रश्न के उत्तर में दी। मुकेश ने कहा कि निजी बस मालिकों को ई-वाहन खरीदने के लिए 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 50 लाख होगी। यह सब्सिडी 18 सीटर, टेंपो ट्रैवलर और बसों में देने पर विचार चल रहा है। परिवहन विभाग पॉलिसी पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि नए बस रूट परमिट जारी करना एक निरंतर प्रक्रिया है। सरकार ने 30 दिसंबर, 2021 को स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार (परिवहन) योजना जारी की है। योजना के तहत 20 से 60 वर्ष आयु के बीच के बेरोजगारों को ग्रामीण रूटों पर 18 सीटर बसों के लिए परमिट रियायती कर दरों पर देने का प्रावधान किया है।
जल शक्ति विभाग की सभी स्कीमों का बनेगा होरोस्कोप
जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में एलान किया कि अगले सत्र तक जलशक्ति विभाग की सभी स्कीमों का होरोस्कोप (कुंडली) तैयार कर सदन को उपलब्ध करवाया जाएगा। कितने बजट की कौन सी योजनाएं कब से चल रही हैं, विधायकों को इसका विस्तृत ब्योरा दिया जाएगा। इसमें पानी, सीवरेज और सिंचाई आदि योजनाओं का विवरण दिया जाएगा। प्रदेश विधानसभा में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने ज्यादातर जल शक्ति विभाग से संबंधित प्रश्न लगाए थे। इस पर उपमुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि जलजीवन मिशन के तहत लोगों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। सीवरेज स्कीम को इस योजना में नहीं जोड़ा गया है। सीवरेज को लेकर केंद्र को प्रोजेक्ट भेजा गया था। वह प्रोजेक्ट मंजूर नहीं हुआ है। केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए फिर प्रोजेकट भेजा जा रहा है।
लंपी बीमारी से मृत पशुओं का नहीं मिला मुआवजा
पूर्व सरकार ने लंपी वायरस को आपदा घोषित नहीं किया है। इसलिए लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। केंद्र ने राज्य सरकार को अपने स्तर पर इस वायरस को आपदा घोषित करने की बात कही थी। पशुओं की मृत्यु होने पर मुआवजा मिलना था। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने विधायक विनोद सुल्तानपुरी के सवाल में कहा कि वह हाल में केंद्रीय मंत्री से भी मिले थे। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में अगर पशुओं की इस वायरस से मृत्यु हो जाती है तो केंद्र सरकार मुआवजा देने पर विचार करेगी।
271 भूमिहीन लोगों को उपलब्ध करवाई जमीन
हिमाचल में 271 भूमिहीन लोगों को दो से तीन बीघा जमीन उपलब्ध करवाई गई है। राजस्व विभाग के पास 601 लोगों ने जमीन के लिए आवेदन किया है। राजस्व मंत्री ने जगत सिंह नेगी ने विधायक भुवनेश्वर गौड़ के प्रश्न के उत्तर में कहा कि जमीन की उपलब्धता होने पर शेष लोगों को जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर विचार विमर्श जारी
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य परिवहन प्राधिकरण के पुनर्गठन के पश्चात नए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट विचार-विमर्श के बाद जारी किए जाएंगे। राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से ऐसे मामलों में बस ऑपरेटरों को बार-बार राहत देने के लिए बस खरीदने की वैधता बढ़ाई गई थी। यह अंतिम बार 31 दिसंबर, 2022 को बढ़ाई गई। उन्होंने यह जानकारी नाचन के विधायक की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
जमीन उपलब्ध होने पर गोसदन का होगा विस्तार
पशु पालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि नाचन विधानसभा क्षेत्र के तहत बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए वर्तमान में सुरभि गोधाम गोशाला और बांके बिहारी गोसदन चैलचौक कार्य कर रहे हैं। दोनों गोसदनों को दस-दस लाख रुपये की राशि दी गई है। उन्होंने यह जानकारी नाचन के विधायक विनोद कुमार के प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध होने पर गौ सदन का विस्तार किया जाएगा।
एम्स के लिए बस चलाने पर होगा विचार
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकाघाट विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत सरकाघाट से खरोट-पिंगला-भद्रवाड़-रखोटा- चंदैश -शड़वाल-ढलवान -बाहणु-समैला-चंडीगढ़ और सुंदरनगर से लेदा- बटुरड़ा -बही - तलाब और थौना - पिंगला- भ्रदवाड- प्लासी - बिलासपुर एम्स तक बस की उपलब्धता होने पर सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने यह जानकारी सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।
एनडीआरएफ बटालियन के लिए मंडी में 67.50 एकड़ भूमि का चयन
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में एनडीआरएफ की 14 वीं बटालियन की स्थापना 9 अगस्त, 2018 को हुई। बटालियन के मुख्यालय के लिए बैहना - बल्ह जिला मंडी को 67.50 एकड़ भूमि का चयन किया गया है, लेकिन फाॅरेस्ट क्लीयरेंस के चलते मुख्यालय भवन के निर्माण के लिए उक्त उक्त भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सका है।
सलापड़ में बटालियन की अस्थायी व्यवस्था के लिए बीबीएमबी काॅलोनी के 3 भवनों का चयन किया गया है। इनकी हालत जर्जर है। भवनों के निर्माण के लिए 6.63 करोड़ की राशि जारी की गई है। 65 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जल्द बटालियन मुख्यालय को स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी।