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हिमाचल विस बजट सत्र: सीएम सुक्खू बोले- ग्रीन हाइड्रोजन के लिए जल्द नीति बनाएगी सरकार

Fri, 24 Mar 2023 08:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 24 Mar 2023 08:46 PM IST
सार

 सरकार प्रदेश में तीन साल में 2000 मेगावाट बिजली पैदा कर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। शांगटांग बिजली प्रोजेक्ट का काम ठेकेदार ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है और इसे तय लक्ष्य से दो साल पहले पूरा करके 1700 करोड़ की धनराशि बचाएंगे। 

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Himachal vidhansabha budget session: CM Sukhu said  Government will soon make a policy for green hydrogen
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन के लिए जल्द नीति बनाएगी। केंद्र सरकार के उपक्रम के साथ राज्य सरकार समझौता करेगी। ग्रीन हाइड्रोजन का भंडारण और ढुलाई करना कठिन रहता है। सरकार प्रदेश में तीन साल में 2000 मेगावाट बिजली पैदा कर उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देगी। शांगटांग बिजली प्रोजेक्ट का काम ठेकेदार ने युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है और इसे तय लक्ष्य से दो साल पहले पूरा करके 1700 करोड़ की धनराशि बचाएंगे। सरकार आठ माह में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा पैदा करेगा। हिमाचल में पंप स्टोरेज सिस्टम से बिजली पैदा करेंगे। इससे डैम के पानी से दोबारा बिजली पैदा की जा सकेगी। इसके साथ ही विधायक विपिन सिंह परमार ने शुक्रवार को सदन में लाया गैर सरकारी संकल्प वापस ले लिया।

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बिजली प्रोजेक्टों के समझौतों को लेकर समीक्षा करेंगे
मुख्यमंत्री सुखविंद्र ने कहा कि यह अहम संकल्प लाया है। 12,000 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं। शानन बिजली परियोजना की लीज खत्म हो रही है। इसे वापस लेने के लिए पंजाब सरकार को पत्र भेज रहे हैं। बिजली प्रोजेक्टों के समझौतों को लेकर समीक्षा करेंगे। कई प्रोजेक्ट अपनी कीमत पूरी कर चुके हैं और हिमाचल को पूरा हक नहीं मिला। बिजली प्रोजेक्टों में अधिक हिस्सा दिलाने के लिए विपक्ष हमारे साथ चले और मिलकर हिमाचल की आर्थिक स्थिति मजबूत करेंगे। एनटीपीसी के प्रोजेक्ट प्रदेश में शत प्रतिशत लाभ कमा रहे हैं और केंद्र सरकार से 30 फीसदी रायल्टी को पत्र भेजा है। अन्य बिजली परियोजनाएं में भी पूरा लाभ नहीं मिल रहा। बीबीएमबी में 4300 करोड़ रुपये की देनदारी है। सरकार 5 मेगावाट से कम बिजली प्रोजेक्टों में वाटर सेस कम करने पर विचार करेगी।
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2030 तक 10 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी
वर्ष 2030 तक 10 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी। विधायक विपिन सिंह परमार ने गैर सरकारी संकल्प सदन में लाते हुए कहा कि प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं में प्रदेश की हिस्सेदारी को बढ़ाने और लाभांश समझौते किया, उसकी अनुपालना न होने से राज्य को हो रहा है। आर्थिक नुकसान पर यह सदन नीति बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधन बढ़ाने का दायित्व सरकार का है। संसाधन बढ़ाने में पन बिजली परियोजनाओं से बढ़ा सकते हैं। बीबीएमबी में हिमाचल को उसका हिस्सा दिलाना सुनिश्चित करें। प्रदेश में 175 बिजली प्रोजेक्ट हैं। विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि देश की आजादी के बाद ऐसे बांध की नींव रखी और सूरत ही बदल दी। भाखड़ा बांध से हरित क्रांति आई। कई लोग विस्थापित हुए और उनके पुनर्वास में कमियां रहीं। राहुल गांधी भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते रहे हैं।

4000 करोड़ से अधिक की बकाया राशि नहीं मिली
विधायक राकेश जंवाल ने कहा कि मेरे क्षेत्र में दो प्रोजेक्ट हैं। हिमाचल को 4000 करोड़ से अधिक की बकाया राशि नहीं मिली। सलापड़ से तत्तापानी के लिए जैटी आरंभ की जाए। लोगों को जल मार्ग से सफर का लाभ मिले। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि पंजाब और हरियाणा सरकार ने हिमाचल के वाटर सेस के खिलाफ गलत प्रस्ताव लाया है। विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि सहकारी बैंक का 78 प्रतिशत एनपीए बिजली प्रोजेक्ट्स से हुआ है। विधायक चंद्र शेखर ने कहा कि आज भी विस्थापितों को धरना देना पड़ रहा है।
 

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मुख्यमंत्री महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन पर स्थिति स्पष्ट करें : जयराम
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अगर बजट पर चर्चा के दौरान बोलने देते तो यह हर रोज ही होना था। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कल हमारी गुजारिश नहीं सुनी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणियां भी रिकाॅर्ड का हिस्सा हैं। राहुल के खिलाफ टिप्पणी रिकाॅर्ड का हिस्सा नहीं है। आप 1500 रुपये महिलाओं को नहीं दे सकते हैं। आप 2.31 लाख को पेंशन देने की बात कह रहें। यह पुरानी पेंशन को मिलाकर देंगे। यह साफ करें। इस कारण हमको सदन से बाहर जाना पड़ा। आज सदन में यह स्पष्ट कर दें।
 

सैर के दौरान मुख्यमंत्री ने सुनीं महिलाओं की समस्या

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हर दिन की तरह शुक्रवार को भी सुबह की सैर पर थे कि तभी उन्हें वर्षा शालिका में बैठी कुछ महिलाएं दिखीं। यह महिलाएं कांगड़ा जिला से रात्रि बस सेवा से यहां पहुंची थीं और उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेना था।

सीएम सुक्खू ने उनसे पूछा कि इतनी सुबह यहां कैसे और क्यों आईं तो उन्हें बताया गया कि यह सभी ट्रेंड नर्सरी टीचर्स (एनटीटी) हैं, जो अपनी मांगों को लेकर आप से मिलने आई हैं। उनकी मांग थी कि ट्रेंड नर्सरी टीचर्स जो पहले से लगी हुई हैं, उन्हें नौकरी में पहले लिया जाए और प्री-प्राइमरी स्कूल में शीघ्र नर्सरी टीचर्स की भर्ती करवाए जाने के लिए भी उन्होंने आग्रह किया। यह सुनकर सीएम ने अपना दरबार वहीं लगा दिया।

सरकारी विभागों में पेट्रोलियम वाहनों की खरीद पर लगाई रोक : मुकेश

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि सरकारी विभागों में पेट्रोलियम वाहनों की खरीद पर रोक लगा दी गई है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा के सवाल का लिखित में जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वाहनों के बेड़े को इलेक्टि्रक वाहनों में चरणबद्ध तरीके से परिवर्तित करने के लिए प्रक्रियाशील है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को दो फरवरी 2023 को निर्देश दे दिए गए हैं। परिवहन विभाग में 25 वाहन, एचआरटीसी में 75 बसें, 50 वैन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में एक वाहन इलेक्ट्रिक खरीदा गया है। 

एचआरटीसी ने 40 माह से नहीं दिया ओवरटाइम
एचआरटीसी ने बीते 40 माह तक ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया है। उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि फरवरी 2019 से फरवरी 2023 तक एचआरटीसी ने ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया है। इस बकाया राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध बजट के आधार पर किया जाएगा।

घटिया कृषि उपकरणों की करेंगे जांच : चंद्र
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा है कि प्रदेश में आवंटित किए गए घटिया कृषि उपकरणों की जांच की जाएगी। भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में 31 जनवरी 2023 तक बल्ह विधानसभा क्षेत्र में कृषि विभाग की ओर से कृषि ट्रैक्टर, चैप कटर, स्प्रे पंप, पंप टिलर, पावर वीडर लाभार्थियों को आवंटित किए गए। कृषि मंत्री ने कहा कि इस खरीद के कुल बजट का 34 फीसदी बल्ह में खर्च हुआ है।

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