Himachal Vidhansabha: भवानी पठानिया बोले- लाल बाल वाले को, लाल आंखें दिखाकर, लाल सेब को बचा लो
अब जबकि प्रधानमंत्री मोदी अपने जिगरी दोस्त ट्रंप के दबाव में अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क घटाने वाले हैं तो हिमाचल के सांसदों को इसे लेकर आवाज उठानी चाहिए।
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लाल बाल वाले डोनाल्ड ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी अपनी लाल आंखें दिखाकर हिमाचल के लाल सेब को बचा लें। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्तुति के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से अपने संबोधन में कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने यह बात कही। भवानी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से 7 सांसद हैं, जिन्होंने कभी भी लोकसभा में हिमाचल के हित की आवाज नहीं उठाई। अब जबकि प्रधानमंत्री मोदी अपने जिगरी दोस्त ट्रंप के दबाव में अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क घटाने वाले हैं तो हिमाचल के सांसदों को इसे लेकर आवाज उठानी चाहिए।
इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन के समय अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क 70 से घटाकर 50 फीसदी कर दिया गया था। इसके बाद अमेरिका से सेब का आयात सीधे 19 गुणा बढ़ गया और हिमाचल के बागवानों को भारी नुकसान हुआ। केंद्र ने हमारी ऋण की सीमा 1600 करोड़ कम कर दी, आपदा के दौरान केंद्र की टीम ने 10 हजार करोड़ नुकसान का आकलन किया लेकिन केंद्र से कोई पैसा नहीं मिला, ओपीएस के अंशदान का 10 हजार करोड़ केंद्र नहीं लौटा रहा। अगर हिमाचल के 7 सांसद हिमाचल के हितों को लेकर गंभीर हैं तो केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर आवाज उठाएं।
केंद्र मामा के घर से नहीं देता पैसा
भवानी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र का पैसा हमारा पैसा है। केंद्र मामा के घर से पैसा नहीं देता। हिमाचल की जनता का पैसा है, किसान की जीएसटी का पैसा है। जो केंद्र के पास पड़ा है और हमें वापस नहीं दिया जा रहा। प्रदेश की आर्थिक कंगाली का कारण पूर्व भाजपा सरकार है।
भवानी ने कहा कि प्रदेेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में डे बोर्डिंग स्कूल बनाए जा रहे हैं, जो दो साल में बनकर तैयार हो जाएंगे। इस पर विपक्ष के सदस्य हंसने लगे। इस पर भवानी ने कहा-जनहित के मुद्दों पर आप लोगों के इस व्यवहार से 2028 में भी आप इसी ओर बैठकर हंसते नजर आओंगे।
हमारी फिल्म रिलीज हो रही है, जरूर देखिये
हिमाचल के सांसद दिल्ली में हिमाचल के हितों पर बात नहीं करते, बल्कि यह कहते हैं कि हमारी फिल्म रिलीज हो रही है, आप लोग जरूर देखिये। भाजपा को अपने सांसदों से पूछना चाहिए कि क्यों वह लोकसभा में हिमाचल के हित की बात नहीं करते।
आप अपोज करेंंगे, आपका नाम ही अपोजिशन हैं
बिजली पर अनुदान उसे मिलना चाहिए, जिसे जरूरत है। सरकार ने जब फैसला लिया तो सबसे पहले मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने बिजली अनुदान छोड़ा, बीपीएल का अनुदान बंद नहीं किया गया। लेकिन आप अपोज करेंगे, क्योंकि आपका नाम ही अपोजिशन हैं।
विधानसभा में गूंजा अमर उजाला गूंजा, हंसराज ने उठाया बिजली समस्या का मामला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को अमर उजाला गूंजा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चुराह के विधायक हंसराज ने कहा कि मोबाइल पर किसी ने उन्हें सूचना भेजी कि आजकल बच्चों की परीक्षाएं हैं। परीक्षाएं बिजली बोर्ड का डिवीजन ले रहा है। उनकी पंचायत में लगभग छह पंचायतें ऐसी हैं, जहां लाइट की व्यवस्था नहीं है। जब ट्रांसफार्मर जलता है तो दो-दो माह तक दुरुस्त नहीं किया जाता है। अमर उजाला में इसको लेकर खबर छपी है कि गुलीबैरागर पंचायत में गलुआ, हंडेगल, धनलेजड़ गांव हैं। इनमें पांच दिनों से लाइट नहीं है। बच्चे क्या पेपर देंगे। शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि गुणात्मक शिक्षा की तरफ जा रहे हैं पर असल में हालात बदतर हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले के चुराह उपमंडल के कई गांवों में बीते 26 फरवरी से बिजली गुल है, इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक तरफ स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, तो दूसरी तरफ बिजली आपूर्ति ठप होने से छात्र दीये की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं गृहिणियों को भी भारी परेशानी हो रही है। पंचायत घुलेई और बैरागढ़ के कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं, लेकिन बिजली बोर्ड अब तक समस्या का समाधान नहीं कर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि 26 फरवरी को ट्रांसफार्मर जल गया था। इसके बाद ग्रामीण अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बिजली बोर्ड को बार-बार सूचना देने के बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर ठीक नहीं किया गया।