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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal School education board got the book printed, education department refused to teach

HPBOSE: हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने छपवा दी किताब, शिक्षा विभाग का पढ़ाने से इनकार

Thu, 09 Mar 2023 10:44 AM IST
Krishan Singh विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 09 Mar 2023 10:44 AM IST
सार

प्रदेश भर के स्कूलों में शिक्षा बोर्ड तीसरी कक्षा से संस्कृत की पढ़ाई शुरू करेगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने किताब तक छपवा कर स्कूलों को भेज दी हैं, लेकिन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस किताब को शुरू करने से इनकार कर दिया है। 

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Himachal School education board got the book printed, education department refused to teach
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश भर के स्कूलों में शिक्षा बोर्ड तीसरी कक्षा से संस्कृत की पढ़ाई शुरू करेगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने किताब तक छपवा कर स्कूलों को भेज दी हैं, लेकिन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस किताब को शुरू करने से इनकार कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 से तीसरी कक्षा से संस्कृत की पढ़ाई शुरू किए जाने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अनभिज्ञता जताई है। जानकारी के अनुसार प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के निदेशक घनश्याम चंद इन दिनों जिला कांगड़ा के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने जिले के कई स्कूलों का दौरा कर बीईईओ और सीएचटी के साथ बैठक की है। मंगलवार को उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कांगड़ा के कार्यालय में तीसरी कक्षा से संस्कृत की पढ़ाई शुरू किए जाने के सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि तीसरी कक्षा से स्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई शुरू हो रही है इस संदर्भ में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

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निदेशक ने कहा कि उन्होंने सुना जरूर है कि तीसरी कक्षा से संस्कृत की पढ़ाई शुरू की जाएगी, लेकिन इस विषय की किताब को शुरू करने की अभी तक प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की कोई योजना नहीं है। गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड तीसरी से पांचवीं कक्षा तक संस्कृत की पढ़ाई शुरू करने के लिए ‘सुधा’ नाम से पुस्तक प्रिंट करवा कर स्कूलों को भेज दी है। शिक्षा बोर्ड की योजना के अनुसार तीसरी से पांचवीं कक्षा तक संस्कृत की एक ही पुस्तक होगी। तीसरी और चौथी कक्षा में इसे केवल मात्र पढ़ाया जाएगा, जबकि इस पुस्तक से संबंधित परीक्षा पांचवीं कक्षा में ली जाएगी। लेकिन अब प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के संस्कृत की पढ़ाई शुरू करने पर जताई अनभिज्ञता ने विषय को शुरू करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। 

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