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Drinking Water Scheme: सिरमौर के शिलाई में बनेगी हिमाचल की पहली मानव रहित पेयजल योजना

Tue, 21 Jan 2025 11:17 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 21 Jan 2025 11:17 AM IST
सार

नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार महाजन ने बताया कि जिला सिरमौर में पांच योजनाओं को शुरुआती चरण में ऑटोमाइज किया गया है।

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Himachal's first unmanned drinking water scheme will be built in Shillai of Sirmaur
अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार महाजन - फोटो : संवाद

विस्तार

जल शक्ति विभाग की ओर से लागत में कटौती को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर पॉयलट प्रॉजेक्ट शुरू किया गया है। इसको लेकर शुरुआती चरण में दुर्गम क्षेत्र शिलाई को चुना गया है। जिसके तहत यहां प्रदेश की पहली मानव रहित पेयजल योजना तैयार की जा रही है। योजना के तहत पानी भंडारण सहित वितरण कार्य बिना कर्मियों के किया जाएगा। नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में जल शक्ति विभाग सिरमौर के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार महाजन ने बताया कि जिला सिरमौर में पांच योजनाओं को शुरुआती चरण में ऑटोमाइज किया गया है।

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इन योजनाओं में पानी लिफ्ट आदि का काम ऑटो आधार पर किया जा रहा है। लेकिन अब शिलाई ग्रामीण के लिए पानी सप्लाई करने वाली योजना को मानव रहित करने की योजना है। इसको लेकर काम किया जा रहा है। योजना के लिए पहले बजट का प्रावधान किया जाएगा। इसी प्रकार योजनाओं को ऑटोमाइज करने के बाद जो पैसा बचेगा उससे जिला के अन्य दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों नौहराधार, राजगढ़ आदि को एक के बाद एक ऑटोमाइज किया जाएगा। महाजन के अनुसार खास बात यह है कि योजना को मानव रहित करने के बाद नाहन व शिमला स्थित कार्यालयों कहीं से भी चलाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश में पेयजल योजनाओं में पानी के भंडारण आदि का कार्य ऑटोमाइज आधार पर किया जा रहा है, लेकिन यह पहली ऐसी योजना होगी जहां से पानी का वितरण भी ऑटो आधार पर हो सकेगा।

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बिजली के खर्च होंगे कम तो मरम्मत के खर्च हो पाएंगे शून्य
एसई राजीव महाजन ने बताया कि इस सब के पीछे एक ही कारण कॉस्ट कटिंग है अर्थात लागत में कटौती कर बेहतर काम किया जाए। उन्होंने बताया कि योजनाओं को ऑटोमाइज कर बिजली के खर्चों में काफी कटौती आएगी। इसके अतिरिक्त लो वोल्टेज, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, आसमानी बिजली गिरने से आदि के कारण योजनाओं की मोटरें जल जाने से जो मरम्मत करवानी पड़ती थी उसमें भी कमी आएगी। इसके अलावा जिस आधुनिक तकनीक को प्रयोग किया गया है उससे 25 प्रतिशत तक बिजली खर्च में कटौती आएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार जो भी पैसा विभाग बचाएगा उससे लगातार अन्य योजनाओं को ऑटोमाइज किया जाएगा।

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