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Himachal Rajkiya Adhyapak Sangh: वीरेंद्र चौहान बोले- तबादलों से कर्मचारियों की आवाज नहीं दबा सकती है सरकार
Wed, 08 Jun 2022 05:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 08 Jun 2022 05:47 PM IST
सार
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा है कि वीरवार को वह चंबा के चांजू स्कूल में पदभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का वह स्वागत और सम्मान करते हैं।
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राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा है कि सरकार तबादलों से कर्मचारियों की आवाज नहीं दबा सकती। चौहान ने कहा कि वीरवार को वह चंबा के चांजू स्कूल में पदभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का वह स्वागत और सम्मान करते हैं। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि छठे वेतन आयोग की विसंगतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए विभिन्न विभागों की कर्मचारी यूनियनों का संयुक्त मोर्चा बनाया गया है।
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उन्हें संयुक्त मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने कर्मचारियों के हित में सरकार की ओर से तय वेतनमान पर सवाल उठाए। इसके चलते उनका तबादला शिमला से चंबा के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त मोर्चा के कुछ अन्य पदाधिकारियों को पहले ही चंबा और जुब्बल कोटखाई के दूरदराज के क्षेत्रों में स्थानांतरित किया गया है। सरकार को यह भ्रम है कि तबादले करने से कर्मचारियों की आवाज को दबाया जा सकता है।
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वीरेंद्र चौहान ने कहा कि लोकतंत्र को समाप्त करने के लिए कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। दो बार अध्यक्ष बनने या अधिकतम पांच वर्ष तक अध्यक्ष रहने वाले को दोबारा नहीं चुनने को लेकर जारी आदेश गलत है। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री और विधायकों के लिए भी इस तरह के आदेश लागू होंगे। चौहान ने कहा कि कर्मचारी संगठनों का अपना संविधान होता है।
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उसी के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पूरी होती है। प्रदेश में पहली बार किसी सरकार ने इस तरह से कर्मचारी संगठनों के नेताओं को प्रताड़ित किया है। चंबा से भी लगातार आवाज उठाते रहेंगे। सरकार के कुछ चाटुकार कर्मचारी नेता सोच रहे थे कि तबादले रुकवाने के लिए हम झुकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा।