{"_id":"629c5ec098ff4d3d3e1ddb8a","slug":"himachal-pradesh-state-nodal-agency-budget-will-not-be-lapsed","type":"story","status":"publish","title_hn":"State Nodal Agency: केंद्रीय योजनाओं के लिए आया विकास का पैसा लैप्स नहीं होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
State Nodal Agency: केंद्रीय योजनाओं के लिए आया विकास का पैसा लैप्स नहीं होगा
Sun, 05 Jun 2022 01:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 05 Jun 2022 01:14 PM IST
सार
केंद्र सरकार से वित्तपोषित योजनाओं के तहत आए बजट को कोष विभाग से एसएनए खाते के लिए हस्तांतरित किया जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय योजनाओं के लिए आया विकास का पैसा अब लैप्स नहीं होगा। स्टेट नोडल एजेंसी (एसएनए) के बैंक खाते में डाला गया बजट अगले वित्त वर्ष में भी खर्च किया जा सकेगा। अगर बजट एसएनए खाते से बाहर रहा और दूसरे खाते में जमा रहा तो इसे वापस मंगवा लिया जाएगा।
विज्ञापन
यह आदेश भारत सरकार के केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जारी किए हैं। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने सभी प्रशासनिक सचिवों को भी एक पत्र लिखा है। पिछले साल एक जुलाई 2021 से केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं के लिए बजट जारी करने का नया प्रावधान शुरू किया गया है।
विज्ञापन
केंद्र से आए बजट की सार्वजनिक फंड प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के तहत प्रभावी निगरानी के लिए यह प्रावधान किया गया है कि इस बजट को रखने के लिए स्टेट नोडल एजेंसी का अलग से खाता खोला जाए। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के निदेशक ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार से वित्तपोषित योजनाओं के तहत आए बजट को कोष विभाग से एसएनए खाते के लिए हस्तांतरित किया जाए। मगर उसी वित्तीय वर्ष में हस्तांतरित करना होगा।
विज्ञापन
अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे आरबीआई के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार के समेकित फंड के लिए लौटाना होगा। अगर उसी वित्त वर्ष में एसएनए खाते में बजट डाला जाता है तो इसे खर्च नहीं कर पाने की स्थिति में अगले वित्त वर्ष में भी व्यय किया जा सकेगा। ऐसे में इसे दोबारा से सत्यापित करने की जरूरत नहीं होगी।