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हिमाचल: बिजली बोर्ड के चार एसई, 7 एक्सईन, 23 एसडीओ को कारण बताओ नोटिस

Tue, 12 Apr 2022 10:35 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 12 Apr 2022 10:35 AM IST
सार

बोर्ड प्रबंधन ने ऐसे क्षेत्रों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जहां दो माह बाद बिजली बिल दिए गए हैं। अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद प्रबंधन आगामी कार्रवाई करेगा।

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himachal pradesh electricity board show cause notice to four superintending engineer  seven executive engineer and 23 SDO
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपभोक्ताओं को हर माह बिजली बिल न देने पर बोर्ड प्रबंधन ने चार अधीक्षण अभियंताओं, सात अधिशासी अभियंताओं और 23 सहायक अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग की सख्ती के बाद बोर्ड प्रबंधन ने यह कार्रवाई की है। प्रदेश के कई उपमंडलों में बिजली बोर्ड दो माह बाद उपभोक्ताओं को बिल जारी करता है। कई क्षेत्रों में बोर्ड के कर्मी बिजली बिल देते हैं तो कई क्षेत्रों में यह काम ठेके पर दिया गया है।

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आयोग ने बोर्ड प्रबंधन को हर माह बिजली बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं। मार्च 2022 तक की व्यवस्था को देखते हुए बोर्ड प्रबंधन ने ऐसे क्षेत्रों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं, जहां दो माह बाद बिजली बिल दिए गए हैं। अधिकारियों से जवाब मिलने के बाद प्रबंधन आगामी कार्रवाई करेगा। उधर, अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी होने पर पावर इंजीनियर एसोसिएशन ने प्रबंधन वर्ग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने बताया कि सोमवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल से मुलाकात की, लेकिन उन्होंने बात नहीं सुनी।
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एसोसिएशन ने ऑनलाइन बैठक कर फैसला लिया कि जल्द बोर्ड के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान सहित मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की जाएगी। कहा कि बिजली बिल जारी करने के लिए सभी के पास मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। इससे कई जगह समय पर बिल जारी नहीं हो सकते हैं। प्रबंधन को मामले पर दोबारा विचार करना चाहिए। कहा कि प्रबंधन वर्ग को नोटिस जारी करने से पहले मामलों की विस्तृत जांच करवानी चाहिए।

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