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Himachal Police: राजस्थान सरकार से मांगा अवैध दवा कारोबारी की संपत्ति का रिकॉर्ड
Fri, 03 Jun 2022 11:19 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:19 AM IST
सार
जैनेट कंपनी के मालिक आरोपी दिनेश बंसल हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित दवाएं सप्लाई करता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी बंसल ने सीकर में रहने वाले साथी को करोड़ों की दवाएं सप्लाई की हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल पुलिस ने जैनेट कंपनी के मालिक आरोपी दिनेश बंसल के साथी की संपत्ति को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नारकोटिक्स की विशेष जांच कमेटी (एसआईटी) ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर आरोपी की संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। दो साल के भीतर आरोपी ने सीकर में कितनी चल-अचल संपत्ति बनाई है, इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
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जैनेट कंपनी के मालिक आरोपी दिनेश बंसल हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित दवाएं सप्लाई करता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी बंसल ने सीकर में रहने वाले साथी को करोड़ों की दवाएं सप्लाई की हैं। अकेले बंसल ने अवैध दवा कारोबार से सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया है। बंसल का यह साथी भूमिगत है। आरोपी राजस्थान के सीकर का रहने वाला है। पुलिस की विशेष जांच टीम ने चार बार सीकर में दबिश दी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। अब पुलिस इसके खिलाफ अगली कार्रवाई करने जा रही है।
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हिमाचल प्रदेश मादक पदार्थ नियंत्रण (नारकोटिक्स कंट्रोल) ब्यूरो ने जैनेट कंपनी के मालिक दिनेश बंसल और प्रबंधक सोनू के खिलाफ चालान पेश कर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार बंसल के कार्यालय में दवाओं के फर्जी दस्तावेज और अन्य कंपनी की नकली मुहर मिली है। बिना परमिट दवाएं इधर से उधर भेजी गई हैं।
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इसके लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल किया गया है। साक्ष्यों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। पुलिस की जांच में यह भी पाया गया है कि 2018-19 में पंजाब में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के उल्लंघन पर जैनेट कंपनी का थोक दवा लाइसेंस रद्द किया गया था। इस कंपनी ने 2019 में बद्दी में थोक दवा का कारोबार शुरू किया था।
जैनेट कंपनी के मालिक आरोपी दिनेश बंसल के साथी की संपत्ति को अटैच किया जाएगा। राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर आरोपी की चल अचल संपत्ति का ब्योरा मांगा है। - दिनेश शर्मा, नारकोटिक्स ब्यूरो के डीएसपी