{"_id":"604654c18ebc3e76a253dcca","slug":"himachal-news-no-road-connectivity-in-kullu-remote-maror-village-patient-reaches-hospital-by-walking-25-kilometers","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेट दर्द पर 25 किमी कुर्सी पर उठा सड़क तक पहुंचाई महिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेट दर्द पर 25 किमी कुर्सी पर उठा सड़क तक पहुंचाई महिला
Tue, 09 Mar 2021 11:03 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, न्यूली (कुल्लू)
अमर उजाला नेटवर्क, न्यूली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 09 Mar 2021 11:03 AM IST
सार
- कुल्लू के मरोड़ गांव की मूर्ति देवी का दस दिन पहले हुआ है प्रसव
- सैंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मिली छुट्टी, वहीं रखा कमरे में
विज्ञापन
बीमार महिला को कुर्सी पर उठाकर अस्पताल ले जाते गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के दुर्गम क्षेत्रों में सड़क न होने से ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मरोड़ गांव में सोमवार को पेट दर्द से कराह रही एक महिला को ग्रामीण कुर्सी पर उठाकर 25 किलोमीटर दूर सड़क तक लाए। इसके बाद यहां से 13 किलोमीटर दूर सैंज अस्पताल पहुंचाया गया। महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। महिला का दस दिन पहले ही प्रसव हुआ है। अब उसे सैंज में क्वार्टर में रखा गया है।
विज्ञापन
रविवार रात को मरोड़ गांव की मूर्ति देवी (35) पत्नी राम चंद पेट दर्द से कराहती रही। गांव सड़क से जुड़ा न होने के कारण ग्रामीण सुबह होने का इंतजार करते रहे। सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने मरीज को कुर्सी पर उठाकर पहाड़ी से उतरना शुरू किया। करीब पांच घंटे सफर के बाद महिला को सड़क तक पहुंचाया गया।
विज्ञापन
गाड़ापारली पंचायत के उपप्रधान अजय, वार्ड पंच निर्मला ठाकुर, बीडीसी धर्मपाल ठाकुर, रमेश धामी, स्थानीय निवासी टिकम राम, तीर्थराम, मोहर सिंह, जीत राम, पूर्ण चंद, डोला सिंह, हीरा सिंह ने कहा कि जैसे ही गांव में कोई बीमार पड़ जाता है तो लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
विज्ञापन
मरीज को कुर्सी पर सड़क तक लाना पड़ता है। कई बार तो मरीज आधा रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों ने मरोड़ गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठाई, लेकिन हर बार उन्हें सरकार और नेताओं की ओर से आश्वासन ही मिले।
ग्राम पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी ने कहा कि कई बार विभाग व सरकार को समस्या से अवगत करवाया गया है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। ग्रामीणों के मसले को प्रमुखता से सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उधर, बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि मरोड़ गांव के चारों ओर वन क्षेत्र है। ऐसे में गांव को सड़क से जोड़ने के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेने के लिए मामला भेजा गया है।