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एचआरटीसी: एमबीए, पीएचडी पास युवाओं को पसंद नहीं आई कंडक्टर की नौकरी
Thu, 03 Mar 2022 10:54 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 03 Mar 2022 10:54 AM IST
सार
न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई थी लेकिन एमबीए, एमफिल और पीएचडी अभ्यर्थियों ने भी आवेदन दिए। लिखित परीक्षा में पास होकर मेरिट में आए इन युवाओं ने कंडक्टर की नौकरी करने में रुचि नहीं दिखाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमबीए, एमफिल और पीएचडी को एचआरटीसी कंडक्टर की नौकरी पसंद नही आई। चयन के बावजूद अभ्यर्थी परिचालक का बैग उठाने आगे नहीं आए। एचआरटीसी ने कंडक्टर के 565 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया करवाई थी। 516 ने ही चयन के बाद ज्वाइनिंग दी। भर्ती के लिए पद विज्ञापित करने के बाद करीब 60 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई थी लेकिन एमबीए, एमफिल और पीएचडी अभ्यर्थियों ने भी आवेदन दिए। लिखित परीक्षा में पास होकर मेरिट में आए इन युवाओं ने कंडक्टर की नौकरी करने में रुचि नहीं दिखाई।
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चयन के बावजूद 49 अभ्यर्थियों ने ज्वाइनिंग ही नहीं दी और 33 अभ्यर्थियों ने ज्वाइनिंग देने के बाद नौकरी छोड़ दी। एचआरटीसी ने अनुबंध आधार पर कंडक्टरों की नियुक्ति की थी। इन्हें 5910-2400 ग्रेड और 8310 रुपये मासिक वेतन मिलना था। कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से एचआरटीसी को नए कंडक्टरों की नियुक्ति की अनुमति मिलने के बाद निगम प्रबंधन ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। 30 सितंबर को पोस्ट कोड 762 के तहत हिमाचल परिवहन निगम बस परिचालक भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया था और मेरिट के आधार पर 565 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था।
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निजी बसों के कंडक्टरों को मिले प्राथमिकता : अखिल
निजी बस चालक परिचालक यूनियन शिमला ने एचआरटीसी परिचालक भर्ती प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव की मांग की है। यूनियन के सचिव अखिल गुप्ता का कहना है कि प्रदेश में करीब 10 हजार चालक परिचालक निजी बसों में स्थायी और अस्थायी तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। निजी बसों के परिचालकों को अनुभव के आधार पर निगम की भर्ती में 50 फीसदी कोटा मिलना चाहिए। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं से घटा कर 10वीं करने और परिचालक भर्ती के लिए 5 वर्ष अनुभव को अनिवार्य करने की भी मांग उठाई है।
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